
चीन और बांग्लादेश की वायुसेना के बीच ऐतिहासिक रक्षा समझौता हुआ है। बांग्लादेश की एयर फोर्स के साथ चीन ने अत्याधुनिक UAV बनाने के लिए समझौता किया है, जिसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का भी प्रावधान किया गया है। चीन और बांग्लादेश के बीच हुए इस रक्षा समझौते का भारत पर सीधा असर पड़ने की आशंका बन गई है। भारत पहले ही चीन और पाकिस्तान की सीमा पर परेशान रहा है और अब बांग्लादेश सीमा भी असुरक्षित होने का खतरा मंडरा गया है। शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने चीन के साथ तेजी से संबंध बनाए हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने बांग्लादेश एयर फोर्स (BAF) और चाइना इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप कॉर्पोरेशन (CETC) के बीच एक समझौते पर साइन किए हैं। यह समझौता बांग्लादेश में एक नया अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली प्लांट स्थापित करने के लिए किया गया है, जिसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का भी प्रावधान शामिल है।
चीन-बांग्लादेश रक्षा समझौते से भारत पर क्या असर – टीओआई की रिपोर्ट में ढाका में इस मामले से परिचित लोगों के हवाले से बताया गया है कि इस समझौते के तहत, BAF और CETC मिलकर एक अत्याधुनिक प्लांट लगाएंगे। बांग्लादेश एयरफोर्स के आधिकारिक फेसबुक पेज से इस बाबत एक जानकारी भी प्रकाशित की गई है। इसमें कहा गया है कि समझौता साइन करने का समारोह बांग्लादेश वायुसेना के मुख्यालय में आयोजित किया गया था। इस दौरान एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
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