
ढ़ाका: बंगलादेश के राष्ट्रपति एम अब्दुल हामीद ने म्यांमार के राखिन प्रांत से विस्थापित होकर बंगलादेश में शरण लेने वाले रोहिंग्या मुसलमानों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए सोमवार को कहा कि बंगलादेश ने उन्हें शरण देकर दुनिया के सामने मानवतावादी कार्य का उदाहरण पेश किया है।
हामीद ने कहा कि बंगलादेश ने रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देकर दुनिया के समक्ष मानवतावादी कार्य का बहुत ही अच्छा उदाहरण पेश किया है। हामीद ने लोगों से सांप्रदायिक सछ्वाव की परंपरा को मजबूत बनाने में प्रभावकारी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यहां क्रिसमस के अवसर पर ईसाई समुदाय के सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी धर्माें के लोग प्यार और सौहार्द के एक सूत्र में बंधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोगों का दायित्व है कि सछ्वाव की हमारी गौरवशाली परंपरा को बनाए रखने में कारगर भूमिका निभाएं। देश में लंबे समय से सांप्रदायिक सौहार्द का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने सभी लोगों को खुशहाल, समृद्ध और गैर-सांप्रदायिक बंगलादेश के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
हामीद ने कहा कि इस वर्ष बंगलादेश में क्रिसमस और अधिक खुशी और उत्सव के साथ मनाया जा रहा है क्योंकि दुनिया के 1.2 अरब कैथोलिक लोगों के नेता पोप फ्रांसिस ने गत नवंबर में इस देश का दौरा किया तथा उन्होंने देश के लोगों से विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने कहा कि पोप के दौरे के बाद बंगलादेश की सांप्रदायिक सौहार्द की छवि और निखरेगी।
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