
बांग्लादेश की मुस्लिम कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने अपना असर बढ़ा लिया है और अब वह ढाका में असल सिस्टम बना रही है। बांग्लादेश को इस्लामिक देश बनाने की तैयारी चल रही है, जिसमें हिंदुओं के लिए जगह नहीं होगी।
बांग्लादेश में शेख हसीना की अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने और पार्टी को अगले साल फरवरी में होने वाले चुनावों से बाहर करके मोहम्मद यूनुस ने देश का राजनीतिक मैदान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) जमात-ए-इस्लामी के लिए खुला छोड़ दिया है। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद नेतृत्व बांग्लादेश को पाकिस्तान के करीब लेकर आ गए हैं और कट्टरपंथी जेहादियों को खुली छूट मिल गई है। इस बीच बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को मौत की सजा सुना दी है, जिससे अपदस्थ प्रधानमंत्री का अपने देश लौटना फिलहाल नामुमकिन हो गया है। ऐसे में नया बांग्लादेश भारत के लिए खतरा बनता जा रहा है।
भारत के लिए खतरे की घंटी – बांग्लादेशी लेखकर दीप हलदर ने बिजनेस टुडे के साथ बातचीत में बांग्लादेश में हो रहे बदलावों को भारत के लिए खतरे की घंटी बताया है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश की मुस्लिम कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने अपना असर बढ़ा लिया है और अब वह ढाका में असल सिस्टम बना रही है। हलदर ने कहा कि अगर बीएनपी सत्ता में आती है तो भारत को उम्मीद करनी चाहिए कि यह नई बीएनपी होगी। क्योंकि 2001 में जो बीएनपी सरकार आई थी वह जमात के समर्थन से थी और वह बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के लिए मुश्किल समय था।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website