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चीन में डीप फेक टेक्नोलॉजी से हो रही ठगी, 515 लोग गिरफ्तार, तीन साल में 30 करोड़ इंटरनेट अकाउंट फ्रॉड में मिले


आज के समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की लहर देखी जा रही है। पूरी दुनिया अभी इसके फायदे और नुकसान समझने में लगी है। लेकिन चीन में इसका गलत इस्तेमाल शुरू हो गया है। चीनी पुलिस अधिकारियों ने एक विशेष अभियान के जरिए 515 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो डीप फेक फेस स्वैपिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते थे। चीन के पब्लिक सिक्योरिटी मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के साइबर सुरक्षा ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी सन जिनफेंग ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस अभियान में कुल 79 मामले निपटाए गए।
सन ने कहा कि पुलिस चैटजीपीटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और डीप फेक जैसी टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग कर नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी के उल्लंघन पर कड़ी नजर रख रही है। सन ने इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए अपराधियों पर नकेल कसने का वादा किया। उन्होंने आगे कहा कि 2020 से मंत्रालय ने व्यक्तिगत सूचना उल्लंघनों पर नकेल कसने पर ध्यान देने के साथ हर साल विशेष स्वच्छ साइबर स्पेस अभियान शुरु किया है।
64,000 संदिग्ध पकड़े गए – पिछले तीन वर्षों में पुलिस ने 36,000 मामलों को सुलझाया है। 64,000 संदिग्धों को पकड़ा है। सन ने कहा कि 30 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट अकाउंट अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। इससे पहले मई में चीन में चैट जीपीटी के जरिए फेक न्यूज फैलाने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक होंग नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था। इस शख्स ने चैट जीपीटी के जरिए एक फर्जी रेल हादसे की खबर बनाई थी।
फर्जी खबर गढ़ी गई – इस फर्जी खबर में कहा गया था कि रेल हादसे से 9 लोगों की मौत हो गई। इस खबर को चीन के सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। तब इस खबर को 15000 से ज्यादा लोगों ने क्लिक किया था। हालांकि चीन में क्योंकि सेंसरशिप बेहद ज्यादा है, इस कारण इतने लोगों के क्लिक करते ही साइबर सिक्योरिटी का ध्यान इस खबर की तरफ गया। यह चीन के साथ-साथ पूरी दुनिया में चैट जीपीटी के जरिए अपराध से जुड़ा पहला अरेस्ट था।