
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्दी ही चीन की यात्रा करने वाले हैं। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आ सकता है। चीन ने भारत को रेयर अर्थ मैग्नेट्स, फर्टिलाइजर्स और फार्मास्यूटिकल्स की सप्लाई रोक रखी है। साथ ही वह अपनी टेक्नोलॉजी भारत के साथ साझा करने को तैयार नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। सात साल में यह उनकी पहली चीन यात्रा होगी। इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की उम्मीद है। लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि चीन भारत के साथ ट्रेड डील्स को लेकर ज्यादा जल्दी में नहीं है। खासकर जब बात टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर की हो। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ साल से रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। चीन ने भारत को रेयर अर्थ मैग्नेट्स, फर्टिलाइजर्स और दवाओं में यूज होने वाले कच्चे माल की सप्लाई रोक रखी है। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के कारण बदले वैश्विक हालात में दोनों देश करीब आ सकते हैं।
लेकिन चीन इस रिश्ते को पटरी लाने में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता है। वह भारत को टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर को लेकर काफी चौकन्ना है। अप्लायंसेज बनाने वाली चीनी कंपनी हायर अपनी भारतीय यूनिट में 48-50% हिस्सेदारी बेचना चाहती है। लेकिन इस डील में देरी हो रही है। एक सूत्र ने बताया कि चीनी सरकार इस डील की शर्तों और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को लेकर जांच कर रही है। भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील मित्तल ने हायर से हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक समझौता किया है। ज्यादातर औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
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