
विराट कोहली की कप्तानी में खेल रही भारतीय क्रिकेट टीम ने सोमवार को इतिहास रच दिया। उसने 71 साल बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमाया। भारत ने चार मैच की सीरीज 2-1 से जीती। सिडनी में खेला गया चौथे टेस्ट में भी भारत के जीतने के अवसर बहुत ज्यादा थे, लेकिन बरसात ने ऐसा नहीं होने दिया।
भारत ने अपनी पहली पारी 622/7 रन पर घोषित कर दी थी। इसके बाद उसने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 300 रन पर समेट दी। ऑस्ट्रेलिया के दूसरी पारी में 6/0 रन थे, लेकिन फिर खेल संभव नहीं हो पाया। पूरे टेस्ट में करीब दो दिन का खेल बारिश और खराब रोशनी की भेंट चढ़ गया। सीरीज के दौरान भारत को कुछ झटके भी लगे, लेकिन इसके बावजूद वह कामयाबी हासिल करने में सफल हुआ।
स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन चोटिल होने से सिर्फ एक टेस्ट ही खेल पाए। अपने पहले ही टेस्ट में शतक जमाकर सुर्खियां बटोरने वाले ओपनर पृथ्वी शॉ अभ्यास मैच में चोटिल होने से पूरी सीरीज में ही अपनी सेवाएं नहीं दे पाए। रवींद्र जडेजा की फिटनेस को लेकर भी सवाल उठे। रोहित शर्मा पहले चोटिल होने और फिर बेटी के जन्म के कारण स्वदेश लौटने से 4 में से 2 टेस्ट ही खेल सके।
हार्दिक पांड्या को दौरे के बीच में बुलाया गया था, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। भुवनेश्वर कुमार और विकेटकीपर पार्थिव पटेल को एक भी टेस्ट के लिए अंतिम एकादश में नहीं चुना गया। टीम इंडिया किसी भी बाधा से नहीं डिगी और उसने जीत का परचम फहरा दिया।
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