
दुनिया के प्रसिद्ध टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन ग्रैंड स्लैम के दौरान लोगों के खड़े होकर ताली बजाने का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इस क्लिप में लोग एक महिला की तरफ देखकर ताली बजाते हुए दिखते हैं। जबकि उस महिला के चेहरे पर कोई भाव नहीं दिखता है। दरअसल, यह महिला कोई और नहीं बल्कि प्रसिद्ध वायरोलॉजिस्ट सारा गिल्बर्ट हैं। इन्होंने ही ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन को डेवलप किया था।
एस्ट्राजेनेका वैक्सीन बनाने वाली वैज्ञानिक को देख खुश हुए लोग : विंबलडन टूर्नामेंट के आयोजनकर्ताओं ने इस साल के शुरुआती मैचों के दौरान एनएचएस स्टाफ और कोरोना वायरस वैक्सीन के डेवलपर्स को वीआपी रॉयल बॉक्स में बैठकर मैच देखने के लिए बुलाया था। इस दौरान ब्रिटिश वायरोलॉजिस्ट सारा गिल्बर्ट भी मैच देखने पहुंचीं। डिफेंडिंग चैंपियन नोवाक जोकोविच ने जैसे ही 19 साल के ब्रिटिश खिलाड़ी जैक ड्रेपर को सर्विस करनी चाही तभी लाउडस्पीकर पर एक अनाउसमेंट हुआ।
कोरोना वैक्सीन के डेवलपर्स को देख खड़े होकर लोगों ने बजाई ताली : उद्घोषक ने भीड़ को बताया कि आज रॉयल बॉक्स में कोरोना वैक्सीन बनाने वाले डेवलपर्स और नेशनल हेल्थ सर्विस के लोग बैठे हुए हैं। जिसके बाद वहां मौजूद दर्शकों ने ताली बजाना शुरू कर दिया। लगभग एक मिनट से भी ज्यादा समय तक सभी दर्शकों ने खड़े होकर ताली बजाई। कमेंट्री कर रहे बोरिस बेकर ने कहा कि इस चैंपियनशिप को शुरू करने से पहले यह बहुत ही भावात्मक क्षण है।
विंबलडन के दौरानकोरोना वॉरियर्स का सम्मान : पिछले साल कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण विंबलडन को रद्द कर दिया गया था। इस साल जब इस ग्रैंड स्लैम को फिर से शुरू किया गया, तब विंबलडन के आयोजकों ने कोरोना वाॉरियर्स के सम्मान में उनके लिए अगल वीआईपी सीट की व्यवस्था की। इस दौरान कैप्टन टॉम मूर की बेटी हन्ना इनग्राम-मूर का भी शानदार स्वागत किया गया। टॉम मूर ने इस साल की शुरुआत में 100 साल की उम्र में एनएचएस के लिए 33 मिलियन पाउंड की राशि जुटाई थी। इस दौरान उनकी मृत्यु भी हो गई थी।
सारा गिल्बर्ट के बारे में जानिए : सारा गिल्बर्ट आयरिश मूल की ब्रिटिश वैज्ञानिक हैं। उनका जन्म अप्रैल 1962 में हुआ था। उन्होंने अपने करियर के शुरूआती दिनों में मलेरिया की वैक्सीन खोजने वाली टीम के साथ काम किया था। इसके बाद उन्होंने मलेरिया और ईबोला जैसे खतरनाक बीमारियों की वैक्सीन बनाने में भी अपना योगदान दिया। उनके काम को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने कोरोना वैक्सीन बनाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी।
Standing ovation at Wimbledon’s Centre Court for Dame Sarah Gilbert who designed the Oxford COVID vaccine.
— Joe Pike (@joepike) June 28, 2021
Very moving. pic.twitter.com/q4NosT19eN
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