
बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले आम चुनावों के निष्पक्ष होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं। ये सवाल शेख हसीना की अवामी लीग के साथ सख्त बर्ताव और नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी चेयरमैन तारिक रहमान को कानूनों के परे जाकर दी जा रही छूट से पैदा हुए हैं। तारिक गुरुवार (25 दिसंबर) को 17 साल बाद देश लौटे हैं। उन्होंने आने के बाद संसदीय चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए वोटर रजिस्ट्रेशन कराया है। तारिक के वोटर रजिस्ट्रेशन में कानून की धज्जियां उड़ने की बात अवामी लीग ने कही है।
तारिक रहमान ने शनिवार को वोटर रजिस्ट्रेशन और एनआईडी की औपचारिकताएं पूरी की हैं। अवामी लीग ने इस प्रक्रिया को ‘विशेष छूट’ बताते हुए कानूनी उल्लंघनों और असमानता का आरोप लगाया है। अवामी लीग का कहना है कि उनको 2026 के चुनावों में बैन किया गया है। वहीं रहमान का कानून से परे जाकर साथ दिया जा रहा है। ये दिखाता है कि चुनाव का कोई मतलब नहीं है।
कानून तोड़कर रजिस्ट्रेशन – लंदन से लौटने के दो दिन बाद शनिवार सुबह तारिक रहमान पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ढाका स्थित निर्वाचन आयोग के दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रीय पहचान पत्र में बतौर वोटर पंजीकरण कराया। रहमान को वोटर रजिस्ट्रेशन पूरा करने के 24 घंटे के भीतर एनआईडी मिल जाएगा। इससे रहमान की उम्मीदवारी का रास्ता साफ हो जाएगा।
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