
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान का देश का अगला प्रधानमंत्री बनना तय है। 12 फरवरी को हुए चुनाव में उनकी पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की है। बीएनपी अभी तक 175 सीटें जीत चुकी है और उसके 200 से ज्यादा सीटों पर जीतने का अनुमान है। 60 साल के रहमान तीन महीने पहले ही लंदन में 17 साल के देश निकाला से लौटे हैं। शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान ढाका में एक बम धमाके के बाद कोर्ट ने उन्हें आतंकवाद के आरोपों में दोषी ठहराया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस से प्रशासन के समय उन्हें उम्रकैद की सजा और भ्रष्टाचार के मामलों में बरी कर दिया गया। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार अब 15 से 18 फरवरी के बीच तारिक रहमान के हाथों में देश की सत्ता सौप सकती है।
साल 2005 में जारी हुए एक अमेरिकी डिप्लोमेटिक केबल, जिसे विकिलिक्स ने जारी किया था, उसमें उन्हें बांग्लादेश में ‘समानांतर सरकार’ चलाने का आरोप लगाया गया था। तारिक रहमान को “चोरी-छिपी सरकार का सिंबल” बताया गया और “हिंसक राजनीति” में उनके कथित तौर पर शामिल होने के लिए उन्हें “डार्क प्रिंस” नाम दिया गया। फिर साल 2008 में सेना के क्रैकडाउन के समय रहमान भागकर लंदन चले गये।
ग्रेनेड अटैक का ठहराया गया था दोषी – तारिक रहमान को साल 2004 में अवामी लीग की एक रैली में ग्रेनेट अटैक करने के लिए उन्हें गैर हाजिर रहने के समय दोषी ठहराया गया और फिर उम्रकैद की सजा सुनाई गई। उस हमले में 24 लोग मारे गये थे। खुद शेख हसीना घायल हो गई थीं। अगस्त 2024 और दिसंबर 2025 के बीच बांग्लादेश की कोर्ट ने रहमान को सभी आरोपों से बरी कर दिया। वह 12 दिसंबर 2025 को वापस ढाका लौट आए।
Home / News / बांग्लादेश के कैदी से ‘किंग’ बनने का सफर, खालिदा के बेटे तारिक रहमान के ‘हवा भवन’ को याद कर डरे लोग
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