
संयुक्त राष्ट्र: वैश्विक अर्थव्यवस्था में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित कर दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 2025 तक 28,000 अरब डालर का इजाफा किया जा सकता है। भारतीय मूल की संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही।
संयुक्त महिला की उप कार्यकारी निदेशक लक्ष्मी पुरी ने संवाददाता सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मैकिंजी और यूएन वुमेन के संयुक्त अध्ययन का हवाला देते हुए जोर देकर कहा कि महिलाओं की समान भागीदारी से दुनिया के देशों के जीडीपी में 2025 तक कम से कम 12,000 अरब डालर और अधिकतम 28,000 अरब डालर की बढ़ोतरी होगी।
हालांकि, उन्होंने क्षोभ जताते हुए कहा कि इस दिशा में प्रगति काफी असमतल और धीमी है। विश्व आर्थिक मंच की महिला पुरुषों में भेद पर ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस अंतर को पाटने में अभी 170 बरस और लगेंगे। पुरी ने कहा कि हमेें स्पष्ट रूप से इन अंतरों को पाटने के लिए बड़ा कदम उठाना होगा। चाहे यह समान वेतन का मुद्दा है। कम से कम यह अंतर 23 प्रतिशत का है, वहीं कुछ देशों और क्षेत्रों में यह कहीं ऊंचा है।
आय असमानता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक आमदनी में महिलाओं का हिस्सा मात्र दस प्रतिशत का है। वहीं काम के घंटों के हिसाब से महिलाओं का कुल योगदान दो-तिहाई बैठता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अपने संदेश में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने कहा कि नेतृत्व वाली भूमिका पर मुख्य रूप से पुरुष काबिज हैं। महिला पुरुषों में भेदभाव बढ़ रहा है।
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