
उम्र के पड़ाव में टीनएज सबसे अच्छा पीरियड माना जाता है। इस उम्र के लड़के-लड़कियों को दुनिया नई-नई सी लगती है। दिल में नई उमंगे और तरंगे जागती है और लड़का-लड़की एक दूसरे की तरफ आकर्षित होने लगते हैं। टीनएज में डेटिंग शब्द बहुत ही अच्छा लगता है। दोनों को उम्मीद होती है कि इसके जरिए वह अच्छे साथी की तलाश कर पाएंगे लेकिन यह कोई आसान काम नहीं है। किसी के ऊपर इतना भरोसा नहीं किया जा सकता कि उम्र के इस नाजुक मोड़ पर किसी अनजान लड़के के साथ डेटिंग की जाए। कुछ कारणों के कारण लड़कियां ब्वॉयफ्रेंड को बना लेती हैं लेकिन डेट पर जाने से कतराती हैं। आइए जानें क्या है इसके पीछे के कारण।
1. मन का डर
लड़कियां तब तक किसी से अकेले में मिलना पसंद नहीं करती, जब तक की वह लड़के पर पूरी तरह से यकीन न कर ले। उसे डर रहता है कि कहीं वह सनक या फिर एकतरफा प्यार की परेशानी में न पड़ जाए। डेट पर न जाने का यह भी एक कारण हो सकता है।
2. टाइम की खराबी
यह समय पढ़ाई और करियर के लिए भी बहुत खास होता है। प्यार के चक्कर में पड़ कर लड़किया अपना भविष्य खराब नहीं करना चाहती। वह इस बात से डरती हैं कि कहीं उनका ध्यान न भटक जाए।
3. भरोसा न होना
लड़के पर एकदम से भरोसा करना कोई आसान काम नहीं है। कुछ लड़कियां यह भी समझती है कि हो सकता है लड़का रिलेशनशिप आगे न बढ़ाने देना चाहता हो। जिसके लिए बाद में उसे पछताना पड़े। यही कारण है कि वह डेटिंग के झंझट में न पड़े।
4. रखे पूरा कंट्रोल
लड़कियों को इस बात का भी डर होता है कि कहीं डेट पर जाने के बाद लड़का उस पर अपनी मनमर्जी थोपना न शुरू कर दे। उसके कहीं आने-जाने,पसंद-नापसंद पर पूरी तरह से कंट्रोल करना शुरू कर दे तो परेशानी बढ़ सकती है। इस सब कारणों से लड़कियां डेट के लिए जाने से कतराती हैं।
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