
कनाडा की संसद में थोर्नहिल संसदीय क्षेत्र से कंजर्वेटिव पार्टी की सांसद मेलिसा लांट्समैन ने हिंदूफोबिया पिटीशन ई 4507 संसद के पटल पर रख दी है। अब कनाडा के संसद में इसपर बहस होगी। कनाडा में हिंदूओं के खिलाफ हो रहे हमलों, भेदभाव और हिंसा के खिलाफ शुरू की गई पिटीशन पर 25 हजार से लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। इसलिए इस पिटीशन को कनाडा की संसद में रखना अब नियमों के मुताबिक मजबूरी बन गया था। इस पिटीशन पर पिछले कई महीनों से कनाडा के हिंदू समुदाय के लोग काम कर रहे थे।
गौरतलब है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा कनाडा की सांसद में खड़े होकर आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों का हाथ होने का आरोप लगाए जाने के बाद खालिस्तानी तत्वों को हौसला मिला था और आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने खुलेआम कनाडियन हिंदूओं को देश छोड़ने की धमकी दी थी। पन्नू की इस धमकी के बाद हिंदूफोबिया पर शुरू हुई इस पिटीशन के समर्थन में तेजी आई और कुछ दिन पहले ही इसपर 25 हजार से ज्यादा लोगों का समर्थन हासिल किया था।
कनाडा की जनसंख्या के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक हिंदूओं की जनसंख्या 8 लाख 28 हजार है, जबकि सिखों की जनसंख्या 7 लाख 70 हजार है। खालिस्तानी विचारधारा के तमाम सिखों का समर्थन ट्रूटो की पार्टी लिबरल को हासिल है। लिहाजा विपक्षी पार्टी कंजर्वेटिव अब हिंदू वोट को एकजुट करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसी कारण विपक्षी पार्टी ने इस पिटीशन को सदन के पटल पर रखा है।
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