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अमरीका और चीन के मूल्यों में कितना अंतर है : ओबामा की चीन पर छींटाकसी, हवाईअड्डे पर दोनों देशो के बीच तनातनी

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हांगझोऊ में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी वाइफ पेंग लियुआन के साथ ओबामा।

हांगझोऊ.जी-20 समिट से पहले यहां एयरपोर्ट पर शनिवार को चीन और अमेरिका के अफसरों के बीच कहासुनी हुई थी। इससे दोनों के रिश्तों में खटास बढ़ गई है। बराक ओबामा ने इस मामले को लेकर चीन की खिंचाई की है। अमेरिकी प्रेसिडेंट ने रविवार को कहा- “इससे पता चलता है कि दोनों देशों के मूल्यों में कितना अंतर है।”

ओबामा ने और क्या कहा…

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक ओबामा ने कहा- “अमेरिकी और चीनी ऑफिशियल्स के बीच मीडिया की एंट्री को लेकर हुई कहासुनी ने ह्यूमन राइट्स और प्रेस की आजादी जैसे मुद्दों पर हमारे नजरिए में अंतर को उजागर किया है।”

– ब्रिटेन की नई पीएम थेरेसा मे के साथ एक प्रेस ब्रीफिंग में ओबामा ने कहा- “चीन के लिए यह पहली घटना नहीं है। हम इस बात को अहम मानते हैं कि हम जो काम कर रहे हैं, उस तक प्रेस की पहुंच हो।”
– ओबामा ने कहा- “उनके (चीन) पास जवाब देने की क्षमता होनी चाहिए। जब हम ऐसे दौरे करते हैं तो अपने मूल्यों और आदर्शों को छोड़कर नहीं आते।”
– “चीन के प्रेसिडेंट के साथ बातचीत में भी मतभेद जाहिर हुए हैं। मैं ह्यूमन राइट्स जैसे मुद्दे उठाता हूं तो कुछ तनाव होता है जो शायद तब नहीं होता जब प्रेसिडेंट शी बाकी लीडर्स के साथ मीटिंग करते हैं।”
– हालांकि ओबामा ने यह भी कहा है कि चीन के अफसरों की बातचीत को ज्यादा तूल नहीं दिया जाना चाहिए।

चीन में प्रेस पर पाबंदी कॉमन बात

– बता दें कि चीन में प्रेस पर पाबंदी कॉमन बात है। सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी अपने पॉलिटिकल एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मीडिया को एक टूल के रूप में इस्तेमाल करती है।
– इस देश में जर्नलिज्म को सख्ती से कंट्रोल किया जाता है। सेंसटिव मुद्दों की रिपोर्टिंग को अक्सर सेंसर कर दिया जाता है।

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चीन में अमेरिका की एनएसए सुजैन राइस। चीन के ऑफिशियल ने इन्हें भी एयरपोर्ट पर ओबामा के पास जाने से रोकने की कोशिश की।

एयरपोर्ट पर हुए थे तनातनी के 2 वाकये…

– बराक ओबामा शनिवार को जी-20 समिट में हिस्सा लेने के लिए चीन पहुंचे थे। इस दौरान हांगझोऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दोनों देशों के अफसरों के बीच तल्खी साफ तौर पर नजर आई। तनातनी के 2 वाकये हुए।

1# अमेरिकी महिला अफसर के सामने चीखा चीन का अफसर
– न्यूज एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी प्रेसिडेंट के अराइवल से पहले चीन ने एयरपोर्ट पर बेहद कड़ी सिक्युरिटी कर रखी थी। ओबामा अपने एयरफोर्स वन प्लेन से आने वाले थे। अराइवल से पहले सीढ़ियां लग चुकी थीं।
– चीन के सिक्युरिटी अफसरों ने वहां नीली रस्सी से बैरिकैडिंग कर रखी थी।
– ओबामा के साथ अमेरिकी रिपोर्टर्स बोइंग 747 में ट्रेवेल करते हैं और प्रेसिडेंट के प्लेन से उतरने की तस्वीरें लेने के लिए पहले ही रनवे पर जमा हो जाते हैं।
– हांगझोऊ एयरपोर्ट पर भी ऐसा ही हुआ। रनवे पर अमेरिकी रिपोर्टर्स जमा थे। लेकिन उनमें से कुछ ने जब बैरिकैडिंग तोड़ दी तो चीन के सिक्युरिटी अफसरों ने एतराज जताया।
– चीन का एक अफसर व्हाइट हाउस के स्टाफ पर चीखा और कहा कि अमेरिकी मीडियाकर्मियों को वहां से तुरंत हटाएं।
– इससे नाराज हुई व्हाइट हाउस की एक महिला अफसर ने कहा कि वहां अमेरिकी प्लेन उतरने वाला है और उसमें हमारे प्रेसिडेंट सवार हैं।
– इस पर भड़के चीन के अफसर ने चीखकर अंग्रेजी में कहा कि ये हमारा देश है। ये हमारा एयरपोर्ट है।
– इसके बाद सीनियर अफसरों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

2# यूएस की एनएसए को भी चीन के अफसरों ने रोका
– जब ओबामा का प्लेन एयरपोर्ट पर लैंड हुआ तो चीनी ऑफिशियल्स ने व्हाइट हाउस के प्रेस डिपार्टमेंट के स्टाफ के अलावा अमेरिका की नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर सुजैन राइस को भी कोई छूट नहीं दी।
– सुजैन व्हाइट हाउस के सीनियर स्टाफर बेन रोड्स के साथ जब ओबामा के पास जाने के लिए नीली रस्सी को उठाकर नीचे से निकलने लगीं तो एक चीनी ऑफिशियल ने आगे बढ़कर उनका भी रास्ता रोक दिया और गुस्से में चीखने लगा। जवाब में सुसैन ने भी तल्खी में कुछ बातें कहीं।
– यह घटना ओबामा की मौजूदगी से कुछ दूरी पर हो रही थी। उस वक्त ओबामा डिप्लोमैट्स और चीन के आला अफसरों से हैंडशेक कर रहे थे।
– माहौल बिगड़ता देख अमेरिका के सीक्रेट सर्विस एजेंट को दखल देना पड़ा।
– बाद में सुजैन राइस ने रिपोर्ट्स से कहा- उन्होंने (चीनी ऑफिशियल्स) जो किया, उसकी उम्मीद नहीं थी।

हांगझोऊ में सन्नाटा

– दरअसल, चीन की अथॉरिटी ने G-20 समिट के चलते हांगझोऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षा काफी कड़ी कर रखी है।
– दुनिया के टॉप लीडर्स की शिरकत को देखते हुए एक हफ्ते पहले ही इस टूरिज्म डेस्टिनेशन को काफी हद तक बंद कर दिया गया है।
– 90 लाख की आबादी वाले इस शहर में फिलहाल सड़कें सूनी हैं। समिट खत्म होने तक दुकानें नहीं खोली जा सकेंगी।
– चीन एयर पॉल्यूशन के लिए बदनाम है। होंगझोऊ में एयर पॉल्यूशन न हो, इसलिए यहां की 200 मिलों को बंद कर दिया गया है।
– इसी शहर में चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा का हेडक्वॉर्टर भी है।
– बता दें कि राष्ट्रपति के रूप में ओबामा का एशिया का यह आखिरी दौरा है।

 

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