
गर्मियों की तपती दोपहर और झुलसा देने वाली लू न केवल इंसानों के लिए, बल्कि बगीचे के पौधों के लिए खतरनाक होती है। अक्सर इस मौसम में तेज धूप और शुष्क हवा के कारण मिट्टी की नमी तेजी से खत्म हो जाती है, जिससे हरे-भरे पौधे अचानक सूखकर बेजान होने लगते हैं। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सही देखभाल और कुछ स्मार्ट गार्डनिंग तरीकों से बगीचे को सुरक्षित रख सकते हैं।
दरअसल गार्डनिंग एक्सपर्ट प्रदीप के अनुसार, मल्चिंग, पानी देने का सही समय और जैविक लिक्विड खाद का उपयोग करके पौधों को हीट स्ट्रेस से बचाकर उन्हें हरा-भरा और घना बनाए रखते हैं। उन्होंने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं जिन्हें अपनाना गर्मियों में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
मल्चिंग से मिट्टी के लिए बनाएं सुरक्षा कवच – गर्मियों में मल्चिंग बहुत जरूरी होती है। इसमें गमले की मिट्टी की ऊपरी सतह को कोकोपीट, सूखे पत्तों, धान के भूसे या लकड़ी के बुरादे की एक परत से ढक दिया जाता है। यह परत सूरज की सीधी रोशनी को मिट्टी तक पहुंचने से रोकती है, जिससे मिट्टी का तापमान कम रहता है और नमी लंबे समय तक बरकरार रहती है। यह जड़ों को झुलसने से बचाने का सबसे सस्ता और बेहतरीन तरीका है।
दिन में दो बार पानी देना – गर्मियों में दोपहर की धूप इतनी तेज होती है कि सुबह दिया गया पानी दोपहर तक सूख जाता है। इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह है कि पौधों को सुबह जल्दी और शाम को सूरज ढलने के बाद पानी दें। सुबह पानी देने से पौधे दिन भर की गर्मी झेलने के लिए तैयार हो जाते हैं। ध्यान रहे, दोपहर की तेज धूप में कभी पानी न डालें, क्योंकि इससे गर्म मिट्टी और ठंडे पानी के रिएक्शन से जड़ें खराब हो सकती हैं।
पत्तियों पर पानी का छिड़काव – सिर्फ जड़ों में पानी देना काफी नहीं है। गर्मियों में हवा बहुत शुष्क होती है, इसलिए पौधों की पत्तियों पर पानी का हल्का छिड़काव करना बहुत फायदेमंद होता है। यह न केवल पत्तियों का तापमान कम करता है, बल्कि उनके आसपास नमी का स्तर भी बढ़ाता है। नाजुक और इंडोर प्लांट्स के लिए यह तकनीक संजीवनी का काम करती है। इससे पत्तियां ताजी और चमकदार बनी रहती हैं।
लिक्विड फर्टिलाइजर का उपयोग – तेज गर्मी में ठोस खाद जैसे गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट का ज्यादा इस्तेमाल पौधों को जला सकता है क्योंकि उनकी तासीर गर्म होती हैं। इसके बजाय, गर्मियों में लिक्विड फर्टिलाइजर देना सबसे अच्छा है। आप घर पर बनी कंपोस्ट टी, केले के छिलके का पानी या चावल को धोने के बाद निकला पानी का उपयोग कर सकते हैं। ये तरल खाद पौधों को तुरंत पोषण देते हैं और जड़ों पर दबाव नहीं डालते।
कीटों से बचाने पर दें ध्यान – गर्मियों का मौसम कीटों, जैसे कि मिलीबग्स और स्पाइडर माइट्स के पनपने के लिए अनुकूल होता है। गर्मी से तनावग्रस्त पौधों पर ये जल्दी हमला करते हैं। इसलिए अपने पौधों की रोजाना जांच करें। सुरक्षा के तौर पर हर 15 दिन में नीम के तेल का स्प्रे करें। यह पूरी तरह प्राकृतिक है और बिना किसी हानिकारक केमिकल के आपके बगीचे को सुरक्षित रखता है।
Home / Lifestyle / गर्मियों में पौधों को सूखने से कैसे बचाएं? माली ने बताए आसान तरीके, फ्री में हरा-भरा रहेगा बगीचा, मत देना महंगी खाद
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