
अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रहे भारतवंशी विवेक रामास्वामी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। इस कारण डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी में खलबली मची हुई है। इस बीच विवेक रामास्वामी को हिंदू होने को लेकर दिया गया एक बयान काफी पसंद किया जा रहा है। कई लोगों ने इस वीडियो को देखने के बाद विवेक रामास्वामी की तारीफ की है। इस वीडियो में रामास्वामी ने खुद के हिंदू होने से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव तक कई मुद्दों पर बात की है। विवेक रामास्वामी ने एंटी हिंदू कैंपेन चलाए जाने के खिलाफ खुलेआम कहा कि मैं मैं वह दिखावा नहीं करूंगा जो मैं नहीं हूं। मैं हिंदू हूं और मुझे अमेरिका का कमांडर इन चीफ (राष्ट्रपति) बनना है पॉस्टर इन चीफ (पोप) नहीं।
‘मुझे अमेरिका का कमांडर इन चीफ बनना है’ – एक इंटरव्यू के दौरान ईसाई मूल्यों पर आधारित देश के संदर्भ में उनकी हिंदू आस्था के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विवेक रामास्वामी ने कहा कि मैं वह दिखावा नहीं करूंगा जो मैं नहीं हूं। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे वह बाइबल को एक औसत ईसाई से बेहतर जानते हैं। उन्होंने कहा कि मैं पॉस्टर इन चीप के लिए नहीं चुनाव लड़ रहा, बल्कि मुझे इस देश का कमांडर इन चीफ बनना है। रामास्वामी से पूछा गया कि एक हिंदू होने के नाते क्या आप ईश्वर के बारे में अपनी आस्था साझा कर सकते हैं और उनके पुत्र ईसा मसीह के बारे में आप क्या सोचते हैं? इस पर उन्होंने जवाब किया कि मैं हिंदू हूं।
‘मैं सच्चे ईश्वर में विश्वास करता हूं’ – विवेक रामास्वामी ने आगे कहा कि ईसाई धर्म, कैथोलिक धर्म के कई प्रकार हैं, वैसे ही हिंदू धर्म के भी कई प्रकार हैं। मैं एक सच्चे ईश्वर में विश्वास करता हूं। मेरा मानना है कि वह ईश्वर हममें से प्रत्येक में निवास करता है। मुझे लगता है कि ईसाई परंपरा में भी ऐसा ही माना जाता है। जब मैं कैथोलिक स्कूलों में गया था और मैंने बाइबल को शायद उन अधिकांश ईसाइयों की तुलना में अधिक बारीकी से पढ़ा है जिन्हें मैं जानता हूं। यह वही संदेश है जब हम कहते हैं कि हम समान हैं क्योंकि हम भगवान की द्वारा बने हुए हैं।
‘भगवान की नजरों में हम सब बराबर’ – हम एक दूसरे की नजरों में बराबर हैं क्योंकि हम भगवान की नजरों में बराबर हैं। जिस परंपरा में मैं पला-बढ़ा हूं, हम कहते हैं कि हम एक-दूसरे की नजरों में बराबर हैं क्योंकि ईश्वर हममें से प्रत्येक में निवास करता है, हम सभी का एक-दूसरे के प्रति कर्तव्य है। आप जानते हैं, बलिदान और कर्तव्य के उस पहलू के बारे में सोचना, जो हिंदू धर्म का आधार है। मैं हमेशा सच बोलूंगा कि मैं कौन हूं और मैं किसके लिए खड़ा हूं। लेकिन मुझे लगता है कि यह बिलकुल सच है कि हम उन्हीं यहूदी-ईसाई मूल्यों को साझा करते हैं जिन पर इस देश की स्थापना हुई थी। यह राष्ट्र पूरी तरह से यहूदी-ईसाई मूल्यों पर आधारित था। यह एक तथ्य है। यह भी एक सच्चाई है कि मैं उन मूल्यों को गहराई से साझा करता हूं।
“ i won’t pretend what I’m not…… i am not running for pastor in chief, I’m running for commander in chief of this country”
— Alok Bhatt (@alok_bhatt) August 5, 2023
To a question abt his Hindu belief vis-a-vis a country founded on Christian values - he first explained the commonality- how he knows bible better than… pic.twitter.com/GppJtjnTIl
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