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‘इससे बेहतर होगा कि मैं जेल चला जाऊं’, अमेर‍िकी सरकार से ‘यारी’ सैम ऑल्‍टमैन की OpenAI को पड़ी भारी


सैम ऑल्टमैन का कहना है कि अगर सरकार उनसे कोई असंवैधानिक काम करने को कहती है, तो वह जेल जाना पसंद करेंगे। ऐसा उन्होंने पेंटागन के साथ हुई OpenAI की डील के बाद ChatGPT के खिलाफ बढ़ते गुस्से को देखते हुए कहा। रिपोर्ट्स के मुताबकि ऑल्टमैन ने पेंटागन के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट की भाषा को और साफ किया है, ताकि लोगों को इस बात का यकीन दिलाया जा सके कि ChatGPT का इस्तेमाल उनकी जासूसी और अपनी मर्जी से चलने वाले हथियारों के लिए नहीं किया जाएगा।
इससे बेहतर होगा कि मैं जेल चला जाऊं’ यह कहना है OpenAI के सीईओ सैम ऑल्‍टमैन का। दरअसल यह पूरा मामला पेंटागन और OpenAI के बीच हुए समझौते का है, जिसे लेकर जनता गुस्से में है। इसकी वजह से OpenAI के पॉपुलर चैटबॉट ChatGPT को अमेरिकी गुस्से में अनइंस्टॉल कर रहे हैं। लोगों को डर है कि ChatGPT की मदद से सरकार लोगों की जासूसी करेगी।
यही वजह है कि ChatGPT को अनइंस्टॉल करने की दर में एक दिन में 295% वृद्धि दर्ज की गई है। इस बढ़ते दबाव के बाद सैम ऑल्टमैन को पेंटागन के साथ अपने समझौते की शर्तों को बदलना पड़ा है। इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उन्हें सरकार से कोई ऐसा आदेश मिला जो देश के संविधान के खिलाफ हो, तो वह उसे मानने के बजाय जेल जाना पसंद करेंगे। सैम ऑल्टमैन का यह बयान उस समय आया है, जब एआई के सैन्य इस्तेमाल और प्राइवेसी को लेकर चरम पर है।
ChatGPT पर गुस्से के बीच डील में बदलाव – जनता के ChatGPT और OpenAI के प्रति बढ़ते आक्रोश की वजह से सैम ऑल्टमैन को रक्षा विभाग के साथ अपनी डील की शर्तों में बदलाव करना पड़ा है। इस नए कॉन्‌ट्रैक्ट में साफ लिखा गया है कि कंपनी के टूल्स का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की घरेलू निगरानी यानी कि सर्विलांस के लिए नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा इसमें लोगों का लोकेशन डेटा और ब्राउजिंग हिस्ट्री खरीदने की बात भी शामिल है। इसके अलावा NSA जैसी खुफिया एजेंसियां फिलहाल OpenAI की सर्विस का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी। पहले इस कॉन्ट्रैक्ट की भाषा साफ नहीं थी। इसे ही आलोचक बड़ा लूपहोल मान रहे थे। अब ऑल्टमैन ने इसे ज्यादा पारदर्शी बनाने का दावा किया है।
क्या था पूरा घटनाक्रम – यह पूरा मामला तब शुरू हुआ था जब Anthropic ने पेंटागन की शर्तें मानने से इंकार कर दिया था। एंथ्रोपिक चाहता था कि एआई का इस्तेमाल न तो जासूसी के लिए हो और न ही ऐसे घातक हथियारों में जो खुद अपनी मर्जी से किसी इंसान को मार सकें।
इसके बाद ट्रंप ने Anthropic को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए सरकारी कामकाज से ब्लॉक कर दिया। इस मौके का फायदा उठाकर सैम ऑल्टमैन की कंपनी ने पेंटागन के साथ डील कर ली और Anthropic की जगह ले ली। इसके बाद लोगों ने Anthropic को ऐप स्टोर पर नंबर 1 बना दिया और ChatGPT के खिलाफ अभियान छेड़ दिया।
ChatGPT पर गुस्सा बढ़ा – इसके बाद खबर आई कि ChatGPT को अनइंस्टॉल की जाने वाली दर में एक दिन में ही 295% का उछाल नजर आया। सेंसर टॉवर के आंकड़ों के अनुसार, इसी दौरान प्रतिद्वंद्वी कंपनी Anthropic के ऐप Claude के डाउनलोड्स में 51% की बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से Claude अमेरिकी ऐप स्टोर पर नंबर 1 बना बैठा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लोग सुरक्षा और जासूसी की चिंताओं के कारण एंथ्रोपिक के सैन्य डील से इनकार करने के फैसले का समर्थन कर रहे हैं।
सैम ऑल्टमैन की सफाई – ChatGPT के खिलाफ बढ़ते गुस्से को देखते हुए सैम ऑल्टमैन ने X पर एक AMA सेशन तक आयोजित किया था। जिसमें वह हर तरह के सवालों का जवाब देने के लिए हाजिर थे। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह सेना पर किसी राय को थोपना नहीं चाहते लेकिन एक सुरक्षित सिस्टम बनाने में मदद जरूर करना चाहते हैं।
सैम ऑल्टमैन का ‘जेल जाने वाला बयान’ उनकी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब पेंटागन और OpenAI की डील की भाषा ज्यादा साफ होने के बाद देखना होगा कि ChatGPT का विरोध रुकता है या नहीं।