
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को कहा कि अमेरिका को अपने दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विदेश सेवा अधिकारी डोनाल्ड लू को ‘बुरे व्यवहार और अहंकार’ के लिए बर्खास्त कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान को ‘धमकाया’ था। इमरान खान ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में एक बार फिर भारत की विदेश नीति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत रूस से तेल भी खरीद रहा और अमेरिका का प्रमुख रणनीति सहयोगी भी है।
इमरान खान ने कहा कि अमेरिकी राजनयिक ने पाकिस्तान के राजदूत से कहा कि अगर आपने ‘अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से इमरान खान को नहीं हटाया, जो कि तब पेश नहीं किया गया था लेकिन उन्हें संभवतः इसके बारे में पता था, तो पाकिस्तान को इसके दुष्परिणाम भुगतने होंगे’। खान बोले, ‘कहा गया कि अगर आपने इमरान को अविश्वास प्रस्ताव से हटा दिया तो सब कुछ माफ कर दिया जाएगा…इतना अहंकार।’
‘पता नहीं क्यों बाइडन ने मुझसे बात ही नहीं की’ : इमरान ने कहा कि इस शख्स को बुरे व्यवहार और अहंकार के लिए बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। एक सवाल के जवाब में इमरान खान ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ उनके ‘अच्छे संबंध’ थे लेकिन जब बाइडन सत्ता में आए तब संबंध तनावपूर्ण हो गए। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि किन कारणों के चलते बाइडन प्रशासन ने मुझसे कभी संपर्क नहीं किया। पाकिस्तान में कोई अमेरिकी राजदूत भी नहीं था।
‘भारत ने जो किया, वहीं मैंने किया तो अमेरिका विरोध बन गया’ : इमरान ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता पाकिस्तान के लोग थे। वह रूस से तेल आयात करना चाहते थे लेकिन इसे उनके खिलाफ इस तरह देखा गया जैसे वह अमेरिका विरोधी हैं। उन्होंने कहा, ‘जब रूस ने हमें तेल और गेहूं खरीद पर 30 प्रतिशत की छूट का प्रस्ताव दिया, भारत ने भी यही किया। भारत क्वाड का सदस्य है, भारत अमेरिका का प्रमुख रणनीतिक सहयोगी भी है, भारत रूस से तेल भी खरीद रहा है लेकिन मेरे खिलाफ इसे इस तरह लिया गया जैसे मैं अमेरिकी विरोधी हूं।
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