
राहुल (54 रन) और धवन (52 रन) ने पहले विकेट के लिए 97 रन जोड़े लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ाने के बावजूद विराट कोहली (17 गेंदों पर 26), मनीष पांडे (18 गेंदों पर नाबाद 31) और शार्दुल ठाकुर (आठ गेंदों पर नाबाद 22) के उपयोगी योगदान से भारत 6 विकेट पर 201 रन बनाने में सफल रहा।
इसके जवाब में श्रीलंका ने पॉवरप्ले में ही शीर्ष क्रम के चार विकेट गंवा दिए। धनंजय डि सिल्वा (36 गेंदों पर 57) और एंजेलो मैथ्यूज (20 गेंदों पर 31 रन) ने पांचवें विकेट के लिए 68 रन जोड़कर बीच में श्रीलंका की उम्मीद जगाई लेकिन यह साझेदारी टूटने के बाद उसकी टीम 15.5 ओवर में 123 रन पर ढेर हो गई।
धनंजय और मैथ्यूज के अलावा श्रीलंका का और बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। श्रीलंका ने आखिरी छह विकेट 29 रन के अंदर गंवा दिए। भारत की श्रीलंका के खिलाफ टी20 में यह कुल 13वीं जीत है। भारत की तरफ से नवदीप सैनी सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 28 रन देकर 3 विकेट लिए और उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। मैन ऑफ द मैच रहे शार्दुल ने 19 रन देकर 2 विकेट लिए। वॉशिंगटन सुंदर ने 37 रन देकर 2 विकेट लिए।
भारत ने इससे पहले इंदौर में दूसरा मैच 7 विकेट से जीता था जबकि गुवाहाटी में पहला मैच बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था। जसप्रीत बुमराह (पांच रन देकर एक) की अगुआई में गेंदबाजों ने भी भारत को शानदार शुरुआत दिलाई और जल्द ही श्रीलंका का स्कोर चार विकेट पर 26 रन कर दिया।
बुमराह ने पहले ओवर में दानुष्का गुणातिलका (1) को पविलियन भेजा जबकि उनके साथ गेंदबाजी का आगाज करने वाले शार्दुल ने अविष्का फर्नांडो (9) को आउट किया। ओशादा फर्नांडो (2) रन आउट हो गए जबकि बदलाव के रूप में आए सैनी ने विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल परेरा (7) की गिल्लियां बिखेरीं। इसके बाद डि सिल्वा और मैथ्यूज ने जिम्मा संभाला।
लगभग 16 महीने बाद अपना पहला टी20 खेलने वाले मैथ्यूज ने वॉशिंगटन सुंदर को निशाने पर रखा और उन पर तीन छक्के लगाए लेकिन इसी गेंदबाज की गेंद पर पांडे ने लॉन्ग ऑन पर दौड़ लगाकर उनका शानदार कैच लिया जिससे श्रीलंका की उम्मीदें समाप्त हो गईं। धनंजय ने 31 गेंदों पर अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे। सैनी ने थर्डमैन पर कैच कराकर उनकी पारी का अंत किया। उन्होंने 8 चौके और एक छक्का लगाया।
इससे पहले भारतीय पारी उतार चढ़ाव वाली रही। अच्छी शुरुआत के बाद उसने 12 गेंद और 25 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए लेकिन पांडे ने कोहली के साथ 42 और शार्दुल के साथ 14 गेंदों पर 37 रन की अटूट साझेदारी की जिससे भारत 200 रन के पार पहुंचने में सफल रहा। श्रीलंका की तरफ से चाइनामैन लक्षण संदाकन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 35 रन देकर 3 विकेट लिए।
कप्तान लसिथ मलिंगा ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी सौंपी। लगभग 16 महीने बाद इस फॉर्मेट में वापसी करने वाले मैथ्यूज ने मलिंगा के साथ नई गेंद संभाली। उनके इस ओवर में दासुन शनाका ने सीमा रेखा पर धवन का मुश्किल कैच छोड़ा तो राहुल ने आखिरी दो गेंदों पर दर्शनीय चौके लगाए। राहुल बेहतरीन लय में थे। उन्होंने मैथ्यूज की जगह गेंद संभालने वाले ऑफ स्पिनर धनंजय डि सिल्वा पर लॉन्ग लेग पर भारतीय पारी का पहला छक्का लगाया।
पिछले मैच में धवन बेहद धीमा खेले लेकिन आज उन्होंने राहुल के सुर में सुर मिलाया। मलिंगा पर आक्रामक तेवर अपनाने के बाद उन्होंने लाहिरू कुमारा का स्वागत दो चौकों से किया जिससे भारत पॉवरप्ले के छह ओवरों में 63 रन बनाने में सफल रहा। धवन ने इसके बाद वानिंडु हसारंगा पर भी छक्का जमाया और 34 गेंदों पर अपने करियर का दसवां अर्धशतक पूरा किया लेकिन संदाकन की गेंद पर डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठे।
पिछले 73 मैचों से बाहर रहने वाले संजू सैमसन (छह) ने अपनी पारी की पहली गेंद पर ही लॉन्ग ऑफ पर छक्का जड़ा लेकिन हसारंगा ने उन्हें अगले ओवर में पगबाधा आउट कर दिया। राहुल ने भी 34 गेंदों पर अपना 9वां अर्धशतक पूरा किया लेकिन इसके बाद संदाकन की गुगली पर गच्चा खाकर वह स्टंप आउट हो गए।
संदाकन ने नए बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (4) को भी पविलियन भेजकर कोहली को क्रीज पर उतरने के लिए मजबूर किया। कोहली ने मैथ्यूज पर छक्का जमाया लेकिन विकेटों के बीच दौड़ में माहिर भारतीय कप्तान दूसरा रन लेने के प्रयास में रन आउट हो गए।
कुमारा के इसी ओवर में वॉशिंगटन सुंदर ने थर्ड मैन पर आसान कैच दिया। शार्दुल ने यहां पर अपने बल्लेबाजी कौशल का परिचय दिया तथा मलिंगा और कुमारा दोनों पर छक्के जड़े। पांडे ने अपनी नाबाद पारी में चार चौके लगाए और नाबाद 31 रन बनाए।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website