
नई दिल्ली: रियो पैरालिंपिक के हाई जंप इवेंट में भारत को दोहरी कामयाबी हासिल हुई। इस कार्यक्रम में मरियप्पन थंगावेलु को गोल्ड और वरुण सिंह भाटी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसी के साथ ऐसा कारनामा करने वाले थंगावेलु भारत के पहले एथलीट बन गए हैं।
थंगावेलु ने 1.89 मीटर और भाटी ने 1.86 मीटर ऊंची छलांग लगाई। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार पैरालिंपिक में गोल्ड जीतने वाले को 75 लाख, सिल्वर मेडल जीतने वाले को 50 लाख और ब्रॉन्ज मेडल लाने वाले को 30 लाख रु. इनाम देने का एलान कर चुकी है।
भारोत्तोलक फरमान बाशा कांस्य से चूके
रियो पैरालंपिक के भारोत्तोलन स्पर्धा में भारतीय भारोत्तोलक फरमान बाशा कांस्य पदक से चूक गये जब उन्हें पुरुषों के 49 किग्रा वर्ग में चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। गुरुवार को हुये स्पर्धा में 2010 के एशियाई पैरा खेलों के कांस्य पदक विजेता बाशा से उस समय देशवासियों को पदक की काफी उम्मीद जग गई जब उन्होंने पहले प्रयास में 140 किग्रा भार वजन उठाया। लेकिन अगले दो प्रयासों में वह 150 और 155 किग्रा वजन नहीं उठा पाए और चौथे स्थान पर रहे। भारत ने रियो पैरालंपिक खेलों में अपना सबसे बड़ा 19 सदस्यीय दल भेजा है।
भारोत्तोलन स्पर्धा में वियतनाम के कांग वान ली ने विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए 181 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं जॉर्डन के ओमार कराडा ने 177 किग्रा भार के साथ रजत और हंगरी के नेंडोर टंकेल ने 155 किग्रा भार के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
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