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भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी, ईरान के 3 तेल टैंकर को जब्त कर भारत ने दिया करारा जवाब? खामेनेई सीखेंगे सबक?


भारत और ईरान के बीच दशकों से काफी मजबूत सबंध रहे हैं। लेकिन पिछले एक महीने में कुछ दिलचस्प घटनाएं घटी हैं। जनवरी 2026 में पता चला था कि ईरान ने भारत के 16 नाविकों को गिरफ्तार कर लिया है। बाद में पता चला कि पिछले साल 8 दिसंबर को UAE के पास एक टैंकर ‘वैलेंट रोर’ को ईरानी IRGC ने पीछा किया था और फिर उससे 16 भारतीय नाविकों को पकड़ लिया था। इस जहाज के कैप्टन विनोद परमार ने अपने भाई को टेलीफोन पर 8 दिसंबर को बताया था कि IRGC 18 क्रू मेंबर्स वाले उनके जहाज का तेजी से पीछा कर रही है। इसके बाद लाइन कट गई थी।
भारतीय नाविकों के परिवार वालों ने बताया कि इसके बाद ईरानी नौसेना ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की, टैंकर को जब्त कर लिया और 10 क्रू मेंबर्स गायब हो गए। ये जहाज दुबई की कंपनी ग्लोरी इंटरनेशनल FZ LLC का टैंकर था, जिसका नाम वैलेंट रोर है और ये UAE के डिब्बा पोर्ट के पास इंटरनेशनल पानी में चल रहा था, जब IRGC ने इसका पीछा कर इसे पकड़ा था। 16 भारतीयों के अलावा, क्रू में श्रीलंका का एक नागरिक और बांग्लादेश का एक नागरिक शामिल था।
ईरान को भारत ने दिया उसी की भाषा में जवाब? – अब ताजा घटना पर आते हैं। भारतीय कोस्ट गार्ड ने दो दिन पहले अरब सागर में एक के बाद एक ईरान से संबंधित तीन जहाजों को पकड़ा है। इन्हें मुंबई लाया गया है। भारतीय कोस्ट गार्ड ने अपने बयान में कहा है कि ये जहाज समुद्री तस्करी का बड़ा भांडाफोड़ है। ये जहाज, अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रहे थे और अवैध तेल तस्करी कर रहे थे। हालांकि कोस्ट गार्ड ने अपन बयान में ईरान का नाम नहीं लिया, लेकिन तेल टैंकर ट्रैकिंग फर्म टैंकरट्रैकर्स ने कहा है कि “उसने तीनों जहाजों की पहचान AL JAFZIA, ASPHALT STAR और STELLAR RUBY के रूप में की है। इनमें से एक जहाज पर ईरानी झंडा था और इन जहाजों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखा था।”
ऑयल और गैस ट्रेड को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म Kpler ने पुष्टि की है कि इन तीनों जहाजों पर 2025 में अमेरिका के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने बैन लगा दिया था। इन जहाजों पर बैन वाले ईरानी तेल के ट्रांसपोर्ट में शामिल होने के आरोप थे। बैन के डॉक्यूमेंट्स में कहा गया है कि इन जहाजों को बैन लिस्ट में उन उपायों के तहत जोड़ा गया था, जिन्हें वाशिंगटन “शैडो फ्लीट” कहता है। यानि ये तीनों जहाज ईरानी हैं, जिनके खिलाफ भारत ने कार्रवाई की है। इसीलिए सवाल उठ रहे हैं कि क्या ईरान से भारत बदला ले रहा है? क्या ईरान ने भारतीय नाविकों को पकड़ने की जो गुस्ताखी की है, भारत अब सिर्फ उसका जवाब दे रहा है?