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H-1B वीजा लेने वाले भारतीय लेते हैं फर्जी डिग्री… जिनपिंग के K-Visa के ऐलान पर आपे से बाहर हुए चीनी, निकाल रहे भड़ास


अमेरिका ने H-1B वीजा के लिए फीस कई गुना बढ़ाकर एक लाख डॉलर कर दी है। ऐसे में बहुत से लोगों के लिए यूएस में जॉब पाना मुश्किल हो जाएगा। इस बीच चीन ने नए वीजा का ऐलान किया है।
चीन की शी जिनपिंग सरकार ने नई K वीजा कैटेगरी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य दुनियाभर से पेशेवरों को आकर्षित करना है। खासतौर से इस वीजा के जरिए विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM के प्रतिभावान युवाओं को बीजिंग तक लाने की कोशिश है। अमेरिका ने अपने वर्क वीजा H-1B वीजा की फीस बेतहाशा बढ़ाते हुए नियम सख्त किए हैं। ऐसे में चीन के K वीजा को H1B के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि चीनी लोग इस फैसले से बहुत खुश नहीं हैं।
चीन का K वीजा 1 अक्टूबर, 2025 से लागू होगा लेकिन इससे पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है। चीन के सोशल मीडिया पर इस नई वीजा कैटेगरी की आलोचना के साथ-साथ भारतीयों को निशाने पर लिया जा रहा है। ट्रंप के H1B वीजा पर फैसले से भारतीय सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ऐसे में चीनी सोशल मीडिया में सीधे-सीधे भारतीयों को निशाने पर लिया जा रहा है। भारतीयों पर कई तरह के गंभीर आरोप चीनी लोग लगा रहे हैं।