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इंडोनेशिया ड्रग मामलाः ‘अंतिम क्षणों में रोका गुरदीप को गोली मारने का आदेश’

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नई दिल्ली: इंडोनेशिया में मादक पदार्थ की तस्करी के सिलसिले में मौत की सजा का सामना कर रहे भारतीय नागरिक गुरदीप सिंह की पत्नी कुलविंदर कौर ने उसे वापस भारत लाए जाने की सरकार से मांग करते हुए आज यहां कहा कि उसके बच्चों की किस्मत कहें या केंद्र सरकार और मीडिया का अथक प्रयास कि एकदम ‘अंतिम क्षणों’ में उसके पति की जान बख्श दी गई है और उन्हें वापस जेल भेजा रहा है। कुलविंदर की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले भगवान का शुक्रिया। सरकार और मीडिया का भी शुक्रिया। इन्हीं की बदौलत मेरे पति गुरदीप सिंह की मौत की सजा फिलहाल टल गई है और मुझे भरोसा है कि सरकार के प्रयास से अब वह जल्दी अपने वतन लौट आएंगे।’’

कुलविंदर ने कहा, ‘‘आज सुबह दो बार मेरी गुरदीप से बात हुई। बातचीत में गुरदीप ने बताया कि वह ठीक है। उसके सामने ही चार लोगों को गोली मारी गई है लेकिन जो लोग बच गए हैं उनमें वह भी शामिल है। उसे भी गोली मारे जाने की सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं और एकदम अंतिम क्षणों में उसकी मौत टल गई।’’ गुरदीप के हवाले से कुलविंदर ने कहा, ‘‘शव उठाने वाली गाड़ी भी आ गई थी। पुजारी भी बुला लिया गया था। पांच मिनट से भी कम समय बाकी था। अचानक मौके पर एक व्यक्ति आया। उसने कोई कागज वहां के मुख्य अधिकारी को दिया। उसके बाद मेरी मौत टाल दी गई। अब मुझे वापस उसी जेल में भेजा जा रहा है जहां से मुझे गोली मारने के लिए यहां लाया गया था।

गुरदीप ने पत्नी से कहा, ‘मेरा शव स्वदेश मंगवा लेना’
सुषमा स्वराज के प्रयास रंग लाए
गुरदीप को बचाने को लेकर सुषमा स्वराज ने ट्वीट में कहा था, ‘हम 28 जुलाई को तय मौत की सजा से पहले उसकी जान बचाने की कोशिशें कर रहे हैं।’ सुषमा ने गुरदीप को बचाने के लिए भरस्क प्रयास किए थे। सुषमा की कोशिशें रंग लाई हैं और गुरदीप की सजा फिलहाल रोक दी गई है।

हमारा बेटा बेकसूर
जिस सहारनपुर के एंजैट ने गुरदीप को इंडोनेशिया भिजवाया था, अब उसकी मौत हो चुकी है। सिंह के परिवार वालों का कहना है, ‘हमारा बेटा नशा नहीं बेच सकता। वह बेकसूर है। एक पाकिस्तानी ने हमारे बेटे का नाम ले लिया। वह पहले ही एंजैटों के जाल में फंसा था, फिर उन्होंने ड्रग के केस में फंसा दिया।’ पत्नी कुलविंदर कौर ने कहा, ‘2002 में गुरदीप न्यूजीलैंड के लिए निकले पर एजेंट ने धोखा दिया और वह इंडोनेशिया में फंस गए।’ गुरदीप के परिवार में पत्नी कुलविंदर कौर (41) बेटी मंजोत कौर (17) और बेटे सुखबीर (14) हैं।

ये है मामला
इंडोनेशिया की एक अदालत ने गुरदीप सिंह को 300 ग्राम हेरोइन तस्करी करने के प्रयास का दोषी पाया था और उसे 2005 में मौत की सजा सुनाई थी। इंडोनेशिया, नाइजीरिया, जिम्बाम्वे और पाकिस्तान के नागरिक सहित 14 लोगों का नाम मौत की सजा की सूची में था। सिंह को 29 अगस्त 2004 में सुकर्णो हत्ता हवाईअड्डे से मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

फरवरी 2005 में तांगेरांग अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई थी, जबकि अभियोजकों ने उसे 20 साल का कारावास देने का अनुरोध किया था। बानतेन हाईकोर्ट ने मई 2005 में मौत की सजा के खिलाफ उसकी अपील को खारिज कर दिया था। फिर उसने सुप्रीम कोर्ट में अपील की जिसने उसकी मौत की सजा बरकरार रखी। वह इस समय नुसाकाबंगन पासिर पुतिह, सिलाकाप में हिरासत में है।

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