
डेनमार्क की टीम यूरो 2020 के सेमीफाइनल में बुधवार को जब लंदन के वेम्बले स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में उतरेगी तो क्रिस्टियन एरिक्सन की गैरमौजूदगी में टीम के लिए उनके साथ जो हुआ उसे भूलना और मुश्किल होगा।
एरिक्सन टूर्नामेंट के पहले ही मैच में दिल का दौरा पड़ने से मैदान पर गिर गए थे। इसके बाद से टीम दो मैच हार गई थी लेकिन उसने शानदार वापसी करते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की की।
डेनमार्क के कोच कास्पर हजुलमंड ने शनिवार को कहा कि जब उनकी टीम अंतिम-चार मुकाबला खेलने की तैयारी कर रही है तब भी उनका ध्यान भटक रहा है।
कास्पर ने चेक गणराज्य के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले में टीम की 2-1 से जीत के बाद कहा, ‘मैं मैच के दौरान और उसके बाद भी एरिक्सन के बारे में सोच रहा था। मैं सोचता रहता हूं कि उसे (अगले मैच में) खेलते हुए देखना कितना अद्भुत होगा। वह अब भी टीम का एक बड़ा हिस्सा है और वेम्बले तक पहुंचने के हमारे सफर का एक बड़ा हिस्सा है।’
एरिक्सन ने इससे पहले वेम्बले स्टेडियम में ही नेशंस लीग के दौरान पिछले साल अक्टूबर में इंग्लैंड के खिलाफ मैच का इकलौता गोल कर टीम को जीत दिलायी थी।
डेनमार्क के मिडफील्डर के खिलाड़ी थॉमस डेलाने ने कहा, ‘वह हमेशा टीम का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और अब भी है। बेशक वह हमारे दिलों में हैं। उसे यहां होना चाहिए था। यह अब भी कुछ ऐसा है जिससे हम संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उसे गौरवान्वित करने के बारे में सोच कर मुझे खुश मिलती है।’
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