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IPL 2020: …तो राजस्थान और हैदराबाद को पहले मैच में नहीं मिलेगा कप्तान का साथ, 21 खिलाड़ियों को इंतजार


इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भाग लेने वाले ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के क्रिकेटरों ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) से अनुरोध किया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचने के बाद छह दिनों की क्वॉरंटीन अवधि को कम कर तीन दिनों का किया जाए ताकि वे टूर्नमेंट की शुरुआत से चयन के लिए उपलब्ध रहे। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सीमित ओवरों की जारी मौजूदा सीरीज में दोनों देशों के ऐसे 21 खिलाड़ी हैं, जो चार्टर्ड विमान से मैनचेस्टर से 17 सितंबर को यूएई पहुचेंगे।
सौरभ गांगुली की पास लगी अर्जी
मौजूदा क्वॉरंटीन नियमों के तहत वे चयन के लिए 23 सितंबर से उपलब्ध रहेंगे जबकि टूर्नमेंट 19 सितंबर से शुरु होगा। बड़े शॉट लगाने के लिए मशहूर एक बल्लेबाज ने इन खिलाड़ियों की तरफ से बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली से अनुरोध किया है कि क्वॉरंटीन अवधि को तीन दिनों का किया जाए। टूर्नमेंट की तैयारियों की देखरेख के लिए गांगुली बोर्ड के अन्य पदाधिकारियों के साथ यूएई में है। उनसे इस मामले में प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी लेकिन बोर्ड के एक सूत्र ने बताया कि ऐसी मांग की गयी है।
इसलिए नियम में बदलाव की मागी
सूत्र ने कहा, ‘हां, बीसीसीआई अध्यक्ष को एक अनुरोध प्राप्त हुआ है। यह एक खिलाड़ी द्वारा लिखा हो सकता है, लेकिन इससे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के सभी खिलाड़ी इत्तेफाक रखते हैं। इन खिलाड़ियों को लगता है कि वे पहले से ही ऑस्ट्रेलिया और फिर ब्रिटेन में बायो-बबल (जैव-सुरक्षित माहौल) में हैं। ऐसे में यह तर्कसंगत होगा कि उन्हें एक बायो-बबल से दूसरे में प्रवेश करने की अनुमति दी जाए। वे सभी बायो-बबल के बाहर किसी के संपर्क में नहीं आए हैं।

दोनों टीमें कड़े नियमों के साथ खेल रही सीरीज
सूत्र ने कहा, ‘ये खिलाड़ी साउथैम्पटन और मैनचेस्टर, दोनों जगह हिल्टन होटल में रुके थे, जो स्टेडियम का एक हिस्सा है। उनका हर पांचवें दिन परीक्षण जा रहा हैं और यहां तक कि ब्रिटेन से उनके प्रस्थान के दिन भी परीक्षण किया जाएगा। यहां पहुंचने के पहले और तीसरे दिन भी जांच होगी।’ उन्होंने कहा, ‘अगर आप इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की सुरक्षा इंतजाम को देखेंगे, तो खिलाड़ियों के कमरों में सफाईकर्मियों को भी जाने अनुमति नहीं है। इसके अलावा वे वाणिज्यिक नहीं बल्कि एक चार्टर्ड विमान से आयेंगे।’

वर्ल्ड कप 2011 के बाद युवराज की सेहत से जुड़ी जो खबर सामने आई थी, उसने उनके फैन्स और भारतीय टीम को झकझोर दिया था। युवराज सिंह के फेफड़े में कैंसर ट्यूमर डिटेक्ट हुआ था और उन्हें इसके इलाज के लिए लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था। युवराज इस ट्यूमर की पीड़ा के साथ ही वर्ल्ड कप में खेले थे और उन्होंने तब यह बात किसी को जाहिर नहीं की थी। तब वह भारत के लिए हर मैच में खुद को लगातार साबित कर रहे थे। उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक लिया और फिर इस जानलेवा बीमारी को हराकर वापसी की।

2007 वर्ल्ड टी20 में इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ही ओवर में लगातार 6 छक्के और इस मैच में सिर्फ 12 बॉल पर बनाए अर्धशतक का वर्ल्ड रेकॉर्ड आज भी उनके नाम है। इस चैंपियन खिलाड़ी ने अपने इंटरनैशनल करियर में 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20I मैच खेले। 304 वनडे में से युवराज ने भारत के लिए 301, जबकि बाकी 3 वनडे एशिया XI के लिए खेले।

टीम इंडिया की वर्ल्ड कप 2011 जीत में वह सबसे बड़े हीरो साबित हुए थे और इस टूर्नमेंट में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से खुद को बार-बार साबित किया था। उस विश्व कप में उनके शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द टूर्नमेंट चुना गया था। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने 362 रन और 15 विकेट अपने नाम किए थे।

40 टेस्ट की 62 पारियों में युवी के नाम कुल 1900 रन हैं, जिसमें 3 शतक और 11 हाफ सेंचुरी उनके नाम हैं। वहीं उनके वनडे करियर की बात करें तो युवराज ने 278 पारियों में कुल 8701 रन अपने नाम किए। इस दौरान उनके बल्ले से 14 शतक और 52 अर्धशतक निकले। 58 टी20I में 1177 रन बनाने वाले युवराज ने नाम यहां 8 हाफ सेंचुरी दर्ज हैं। उन्होंने टेस्ट में कुल 9, वनडे में 111 और टी20I में 28 विकेट अपने नाम किए हैं।

वर्ल्ड कप 2019 (World Cup 2019) की वर्ल्ड कप टीम में युवराज को नहीं चुना गया था और इसके बाद ही उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया। इसके बाद से वह विदेशों में लीग खेल रहे हैं। वह कनाडा की टी-20 लीग का हिस्सा थे, जबकि बिग बैश में खेलने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब उनके घरेलू क्रिकेट में वापसी की चर्चा होने लगी है।
सबसे ज्यादा राजस्थान रॉयल्स का नुकसान
उन्होंने यह नहीं बताया कि इस अनुरोध को स्वीकार किया जाएगा या नहीं लेकिन कहा, ‘उनका यह तथ्य मजबूत है कि वे एक बायो-बबल से दूसरे में प्रवेश करना चाहते हैं।’ कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को छोड़कर सभी टीमों पर छह दिनों के इस क्वॉरंटीन नियम का असर पड़ेगा। केकेआर का पहला मैच 23 सितंबर को मुंबई इंडियंस के खिलाफ है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान राजस्थान रॉयल्स को होगा जिसे पहले से ही बेन स्टोक्स की कमी महसूस हो रही है।

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने पिछले सत्र के खराब प्रदर्शन के बाद अपने कोचिंग सेट-अप में बदलाव किए हैं और कुछ खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किया लेकिन दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) उनके साथ बरकरार हैं। दरअसल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकी मैसूर को उनकी कप्तानी पर काफी भरोसा है। टीम का आईपीएल का पिछला सत्र काफी खराब रहा था और कार्तिक को भारत के सर्वश्रेष्ठ टी20 कप्तानों से से एक गौतम गंभीर के बाद टीम की कमान सौंपी गई थी। यह कार्तिक के लिए दूसरा मौका होगा और अगर इस बार भी टीम का प्रदर्शन लचर रहा था तो शायद उन्हें एक और मौका नहीं मिलेगा।

पिछले सत्र में पहले पांच में से चार मैच जीतने के बाद टीम ने लगातार छह मैच गंवाए और काफी करीब से क्वॉलिफायर स्थान से चूक गई। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के दो शानदार सत्र में जमैका के स्टार हरफनमौला आंद्र रसल का लगातार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रहा और वह 2019 में ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ चुने गए। उन्होंने 56.66 के औसत से 510 रन जोड़े और वह उनके सबसे ज्यादा (11) विकेट लेने वाले खिलाड़ी भी रहे। लेकिन कुछ मौकों पर रसले डग आउट में पैड लगाकर बैठे हुए निराश भी दिखे क्योंकि उन्हें टीम को जीत तक ले जाने के लिए काफी गेंद खेलने को नहीं मिली थीं।

चार में से तीन पहली पसंद के विदेशी खिलाड़ियों में रसल, सुनील नरेन और पैट कमिंस के होने की संभावना है। चौथे के लिए इंग्लैंड के सफेद गेंद के कप्तान इयान मोर्गन और उनके जूनियर साथी टॉम बैंटन में से चुनाव हो सकता है। रसल के तीसरे नंबर पर खेलने की संभावना है और मोर्गन को शामिल करने से उन्हें स्वंछद होकर खेलना चाहिए। मोर्गन अगर खेलते हैं तो मध्यक्रम में कप्तान कार्तिक की मदद कर सकते हैं।

उभरते हुए स्टार शुभमन गिल को इस बार अपने पसंदीदा सलामी बल्लेबाज के स्थान पर खिलाया जा सकता है क्योंकि पिछले सत्र में उन्हें ऊपर नीचे खिलाया गया था जिस फैसले की भी काफी आलोचना हुई थी। पारी का आगाज करने के लिए उनके साथ सुनील नरेन या फिर बैंटन हो सकते हैं।

इसके बाद टीम की गेंदबाजी की अगुआई ऑस्ट्रेलियाई सुपरस्टार पैट कमिंस करेंगे जो टीम का काफी मजबूत पहलू है। आईपीएल के सबसे ज्यादा मंहगे (15.5 करोड़ रुपये) विदेशी खिलाड़ी कमिंस के अलावा टीम के पास लोकी फर्ग्यूसन और प्रतिभाशाली युवा प्रसिद्ध कृष्णा, कमलेश नागरकोटी, शिवम मावी और संदीप वारियर हैं।

कार्तिक इस बार क्रिकेट के बेहतरीन जानकारों से घिरे होंगे जिसमें 2019 इंग्लैंड विश्व कप विजेता टीम के कप्तान मोर्गन उनके साथ उपकप्तान के तौर पर होंगे जबकि न्यूजीलैंड के महान खिलाड़ी ब्रैंडन मैकलम मुख्य कोच हैं। यह देखना होगा कि तीनों की तिकड़ी से टीम कैसा कर पाती है।

संयुक्त अरब अमीरात में पिच आमतौर पर धीमी रहती हैं जिससे केकेआर के लिए सबसे बड़ी चिंता स्पिन विभाग होगी। उसके पास केवल सुनील नरेन और कुलदीप यादव ही हैं क्योंकि एम सिद्धार्थ और वरुण चक्रवर्ती के पास अनुभव की कमी है। केकेआर अपने अभियान की शुरुआत 23 सितंबर को अबुधाबी में गत चैंपियन मुंबई इंडियंस के खिलाफ करेगी।

दिनेश कार्तिक (कप्तान और विकेटकीपर), इयोन मोर्गन (उप कप्तान), शुभमन गिल, टॉम बैंटन, सुनील नरेन, आंद्र रसल, नितीश राणा, राहुल त्रिपाठी, कुलदीप यादव, पैट कमिंस, प्रसिद्ध कृष्णा, लोकी फर्ग्यूसन, रिंकू सिंह, कमलेश नागरकोटी, शिवम मावी, निखिल नायक, क्रिस ग्रीन, एम सिद्धार्थ, संदीप वारियर, वरुण चक्रवर्ती और सिद्धेश लाड।

कप्तान और आर्चर का भी नहीं मिलेगा साथ
नियमों में अगर बदलाव नहीं हुआ तो जोफ्रा आर्चर, जोस बटलर और स्टीव स्मिथ शुरुआती मुकाबले के लिए टीम का हिस्सा नहीं होंगे। सनराइजर्स हैदराबाद को कप्तान डेविड वॉर्नर के अलावा सलामी बल्लेबाजी में उनके जोड़ीदार जॉनी बेयरस्टो के बिना पहला मैच खेलना होगा। चेन्नै सुपर किंग्स को पहले दो मैचों में जोश हेजलवुड और सैम करन की सेवाएं नहीं मिलेंगी।