
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2021) के 14वें सीजन को शुरू होने में अब महज 12 दिनों का वक्त बचा है। इस सीजन का पहला मैच चेन्नै में 9 अप्रैल को खेला जाएगा। इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए आईपीएल से सॉफ्ट सिग्नल के नियम को हटा दिया है। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने भी मांग की थी कि सॉफ्ट सिग्नल के नियम को हटा देना चाहिए क्योंकि ऐसे फैसले मैच का रूख बदल सकते हैं।
IPL में अब नहीं होगा सॉफ्ट सिग्नल नियम : बीसीसीआई ने अपने फैसले में तय किया है कि थर्ड अंपायर के पास फैसला रेफर करने से पहले मैदान पर मौजूद अंपायर के पास सॉफ्ट सिग्नल भेजने का अधिकार नहीं होगा। इससे पहले अगर अंपायर किसी फैसले को लेकर थर्ड अंपायर का रूख करता था तो उसे सॉफ्ट सिग्नल के तहत पहला अपना डिसीजन देना होता था। इसके अलावा अब थर्ड अंपायर मैदानी अंपायर के नोबॉल और शॉर्ट रन के निर्णय को भी बदल सकेगा।
इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी-20 मैच में हुआ था विवाद : चौथे टी20 में तो सूर्यकुमार यादव फॉर्म में नजर आए। पारी के 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर डेविड मलान ने बाउंड्री लाइन के पास उनका कैच लपका जिसमें रीप्ले से लग रहा था कि गेंद ने जमीन को छुआ है। कई बार रीप्ले देखने के बाद थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का आउट का फैसला बरकरार रहने दिया। यह सब हुआ सॉफ्ट सिग्नल के चलते। सूर्यकुमार वाले फैसले पर पूर्व धुरंधर वीरेंदर सहवाग, वीवीएस लक्ष्मण और वसीम जाफर जैसे दिग्गजों ने कड़ी आलोचना की। लक्ष्मण ने तो यहां तक कह दिया कि आईसीसी को नियम बदलने की जरूरत है।
क्या होता है सॉफ्ट सिग्नल का नियम? : जब फील्ड अंपायर क्लोज कैच की सलाह लेने के लिए थर्ड अंपायर का रुख करता है उसे सॉफ्ट सिग्नल भी बताना होता है। फील्ड अंपायर अपना फैसला बताता है और थर्ड अंपायर से यह सुनिश्चित करने को कहता है कि वह गलत नहीं है। आईसीसी के नियमों के मुताबिक, सॉफ्ट सिग्नल को पलटा भी जा सकता है लेकिन इसके पूरे सबूत हों कि सिग्नल गलत था।
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