
प्लेऑफ में पहुंचने के लिए मुंबई को चाहिए था कि वह हैदराबाद को 65 या उससे कम पर रोक ले। यह बहुत मुश्किल टारगेट था। हालांकि उसके गेंदबाजों ने प्रयास किया लेकिन वह ऐसा कर नहीं सके। इसके साथ ही प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। दिल्ली कैपिटल्स की टीम चोटी पर रही जबकि चेन्नई सुपर किंग्स दूसरे और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम तीसरे स्थान पर रही। गुरुवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जीत हासिल करने के बाद कोलकाता की टीम ने चौथे स्थान का अपना जो दावा मजबूत किया था वह कायम रहा।
टॉप 2 में रहने वाली टीमों को फाइनल में पहुंचने का एक अधिक मौका मिलता है। इन दोनों के पहले पहला क्वॉलिफायर होता है जिसे जीतने वाली टीम सीधा फाइनल में पहुंच जाती है। इसके बाद एलिमिनेटर मुकाबला होता है जो तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें खेलती हैं। इसमें हारने वाली टीम का सफर समाप्त हो जाता है वहीं जीतने वाली टीम पहले क्वॉलिफायर में हारने वाली टीम से दूसरे क्वॉलिफायर में खेलती है। यहां जीतने वाली टीम फाइनल में जाती है जहां वह पहले क्वॉलिफायर की विजेता टीम से खेलती है।
कैसे होंगे प्लेऑफ के मुकाबले
पहला क्वॉलिफायर, 10 अक्टूबर (दुबई) – दिल्ली कैपिटल्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स
एलिमिनेटर, 11 अक्टूबर (शारजाह)- रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स
दूसरा क्वॉलिफायर, 13 अक्टूबर (शारजाह) – एलिमिनेटर की विजेता और पहले क्वॉलिफायर में हारी टीम के बीच
फाइनल, 15 अक्टूबर (दुबई)- पहले क्वॉलिफायर की विजेता और दूसरे क्वॉलिफायर की विजेता टीम के बीच
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