
ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेश्कियान का कहना है कि उनके देश को चीन से उस तरह की मदद नहीं मिल रही है, जैसी उनको उम्मीद है। ईरानी राष्ट्रपति ने यह बात चीनी निवेश और वित्तीय मदद के हवाले से कही है। मसूद का बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान का अमेरिका के साथ तनाव चरम पर है। अमेरिका ने ईरान पर वित्तीय प्रतिबंध लगाए हैं तो सैन्य हमले की धमकी भी डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दी जा रही है। अमेरिका के साथ तनाव में रूस और चीन को ईरान के सबसे मजबूत सहयोगियों के तौर पर देखा गया है। हालांकि मसूद के बयान से लगता है कि चीन के निवेश से ईरान बहुत खुश नहीं है।
मसूद पेजेश्कियान ने अपने बयान में निराशा जताते हुए कहा, ‘फिलहाल के माहौल में चीन को बहुत ज्यादा फाइनेंसिंग देनी चाहिए। हालांकि ऐसा नहीं हो रहा है। यह उतना आसान नहीं है, जितना आप कहते हैं या दूर से देखने में लगता है। खैर, हम तो यही कहते हैं कि जो कोई भी फाइनेंस करना चाहता है, वह कर सकता है।’
चीन ने निवेश के नाम पर दिया धोखा! – ईरानी प्रेसिडेंट की ओर से चीन के संबंध में सार्वजनिक तौर पर दिए गए बयान को उनकी निवेश ना आने से उपजी निराशा के तौर पर देखा जा रहा है। ईरान ने साल 2021 में चीन के साथ एक डील की थी। इसमें चीन ने ईरान में बड़े निवेश का भरोसा दिया था लेकिन ये बीते पांच सालों में यह जमीन पर उतरते नहीं दिखा है।
Home / News / ईरान को अमेरिका से तनातनी के बीच मिला चीन से धोखा? दुनिया के सामने क्यों छलका प्रेसिडेंट मसूद का दर्द
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website