
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ पनामागेट भ्रष्टाचार मामले की जांच कर रहे एक संयुक्त जांच दल (जेआईटी) ने आज पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी।
इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटोरी पुलिस द्वारा किए गए भारी सुरक्षा इंतजाम के बीच जेआईटी के सदस्य शीर्ष अदालत पहुंचे और सबूत का लेबल लगा एक बड़ा कार्डबोर्ड बॉक्स उन्होंने अदालत में पेश किया।अन्य सबूतों के अलावा रिपोर्ट में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनके भाई एवं पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ, उनके बेटे हुसैन, हसन और बेटी मरियम शरीफ तथा दामाद एवं सेवानिवृत्त कैप्टन मोहम्मद सफदर के बयान शामिल थे। न्यायाधीश शेख जस्टिस एजाज अफजल, जस्टिस अजमत सईद और जस्टिस इजाजुल अहसन की तीन सदस्यीय न्यायाधीशों की पीठ ने जेआईटी की सुनवाई की।
उच्चतम न्यायालय ने मई में छह सदस्यीय जेआईटी का गठन कर उन्हें यह आदेश दिया कि वे लंदन में वर्ष 1990 के दशक में खरीदी गई संपत्तियों में इस्तेमाल धन के स्रोत की जानकारी उपलब्ध करवाने में कथित रूप से शरीफ परिवार के नाकाम रहने के मामले की जांच करें। जेआईटी ने मामले से संबद्ध कई सेवारत और पूर्व अधिकारियों की जांच की है। पिछले साल पनामा पेपर्स में यह खुलासा किया गया था कि प्रधानमंत्री शरीफ के तीन बच्चों की विदेशों में कंपनियां और संपत्ति हैं, जिन्हें उनके परिवार की संपत्ति के विवरण में नहीं दिखाया गया है। जिन संपत्ति पर सवालिया निशान हैं उनमें लंदन के पार्क लेन में स्थित चार महंगे फ्लैट भी शामिल हैं। शीर्ष अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, आवामी मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी की आेर से दायर याचिकाओं पर पिछले साल अक्तूबर में सुनवाई शुरू की थी और रोजाना सुनवाई करने के बाद फरवरी में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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