
जितेंद्र ने स्वीकार किया कि जब एकता और तुषार छोटे थे तो वह दिन में तीन शिफ्टों में शूटिंग व्यस्त रहते थे। क्योंकि बहुत सी फिल्में एक साथ शूट होती थीं और बहुत ज्यादा यात्राएं करनी होती थीं। इसलिए बच्चों के लिए समय नहीं बचता था।
बॉलिवुड के वेटरन ऐक्टर जितेंद्र लॉकडाउन का समय अपने बच्चों और नाती-पोतों के साथ बिता रहे हैं। एक ऑनलाइन पोर्टल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान तुषार कपूर और एकता कपूर को अपने बच्चों की देखभाल करते हुए देखने का मौका मिला है। इसके साथ जितेंद्र ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके बच्चें उनसे बेहतर माता-पिता हैं।
फिल्मों की शूटिंग के कारण बच्चों को नहीं दे पाया समय
सभी कॉमेंट्स देखैंअपना कॉमेंट लिखेंजितेंद्र ने स्वीकार किया कि जब एकता और तुषार छोटे थे तो वह दिन में तीन शिफ्टों में शूटिंग व्यस्त रहते थे। क्योंकि बहुत सी फिल्में एक साथ शूट होती थीं और बहुत ज्यादा यात्राएं करनी होती थीं। इसलिए बच्चों के लिए समय नहीं बचता था। हालांकि, उनकी फैमिली उनको समझती थी।
कोई कुछ भी कहे, एकता ने इन 6 सीरियल्स का जवाब नहीं
एकता कपूर बीते कुछ समय से लगातार चर्चा में है। ‘महाभारत’ और ‘शक्तिमान’ फेम दिग्गज ऐक्टर मुकेश खन्ना ने एकता कपूर पर आरोप लगाया कि उन्होंने टीवी को ‘बर्बाद’ किया है। मुकेश खन्ना का यह निशाना एकता कपूर की ‘महाभारत’ से शुरू हुआ तो उनके डेली सोप्स पर भी बरसा। उन्होंने कहा कि एकता ने अपने सीरियल्स में महिलाओं का ऐसा रूप दिखाया है जो असल जिंदगी में कहीं नहीं होतीं। लेकिन ऐसे तमाम विवादों और आरोपों के बीच एक सच यह भी है कि एकता कपूर आज भी टीवी इंडस्ट्री की ‘क्वीन’ है।
एकता ने बदल दी भारतीय टीवी की तस्वीर
इसमें कोई शक नहीं है कि एकता ने भारतीय टेलीविजन की दुनिया बदल दी। देश को डेली सोप्स की आदत एकता कपूर ने ही लगवाई। सास-बहू की खींचतान से लेकर पति-पत्नी के रिश्तों की तमाम परतों को एकता ने छोटे पर्दे पर उतारने पर कोई कसर नहीं छोड़ी। यह भी सच है कि आज भी टीवी पर एकता कपूर के सीरियल्स सबसे अधिक देखे जाते हैं और घरों में उन सीरियल्स के किरदारों पर सबसे अधिक चर्चा भी होती है। बात एकता के ऐसे ही 6 टीवी सीरियल्स की, जिनका आज भी कोई तोड़ नहीं है।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी
तुलसी वीरानी, मिहिर वीरानी, बा। साल 2000 से 2008 तक इस सीरियल के 1833 एपिसोड दिखाए गए। एकता कपूर की सफलता की दास्तान इसी सीरियल से शुरू हुई। स्मृति ईरानी लीड रोल में थीं। इस सीरियल ने जहां एक ओर देश को एक कैबिनेट मंत्री दिया, वहीं मौनी रॉय से लेकर पुलकित सम्राट तक ने इसी से अपने ऐक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। वीरानी परिवार के उतार-चढ़ाव, टूटते रिश्तों को जोड़कर रखने की कवायद ने ना जाने कितने ही परिवारों को सीख दी।
कहानी घर घर की
‘कहानी घर घर की’ का प्रसारण भी साल 2000 से 2008 तक हुआ। इसके 1661 एपिसोड टेलिकास्ट हुए। साक्षी तंवर और किरण करमाकर की ऐक्टिंग ने दिलों पर राज किया। पार्वती और ओम अग्रवाल की कहानी एक जॉइंट मारवाड़ी फैमिली की ऐसी दास्तान बनी, जिससे बड़ों तो क्या बच्चों ने भी कनेक्ट किया। अली असगर, अनूप सोनी जैसे दिग्गज भी इस सीरियल का हिस्सा बनें और पॉप्युलैरिटी पाई। आलम यह था कि पार्वती और ओम की जोड़ी की तुलना हिंदुस्तान के घरों में ‘राम-सीता’ की जोड़ी से होने लगी।
कसौटी जिंदगी की (2001)
इन दिनों टीवी पर इस मशहूर सीरियल का दूसरा सीजन चल रहा है। लेकिन 2001 में टेलिकास्ट हुए इस सीरियल के पहले सीजन की दीवानगी देखते ही बनती थी। 1423 एपिसोड वाले इस सीरियल में अनुराग, प्रेरणा की प्रेम कहानी और फिर मिस्टर बजाज की एंट्री ने छोटे पर्दे पर सिल्वर स्क्रीन सा रोमांच बनाया था। श्वेता तिवारी, रॉनित रॉय, उर्वशी ढोलकिया जैसे मंझे हुए कलाकारों ने क्या खूब मनोरंजन किया। दो प्यार करने वालों की ऐसी कहानी, जिसे तकदीर मिलने नहीं देती।
कसम से
साल 2006 से 2009 तक ‘कसम से’ सीरियल के 742 एपिसोड का प्रसारण हुआ। यह कहानी तीन बहनों की है- बानी, पिया और रानो। प्राची देसाई, राम कपूर, रोशनी चोपड़ा, अरुणिमा शर्मा की बेहतरीन अदाकारी ने पर्दे पर अलग ही जादू बिखेरा था। बहनों का प्यार और मिडिल क्लास से अपर क्लास का सफर। इस सीरियल पर भी दर्शकों ने भरपूर प्यार लुटाया।
कुटुम्ब
हितेन तेजवानी और गौरी प्रधान। दोनों को ‘कुटुम्ब’ ने पॉप्युलर बनाया। इस शो के दौरान ही दोनों में प्यार हुआ और फिर शादी भी। साल 2001 से 2003 तक इस सीरियल के 251 एपिसोड दिखाए गए। कहानी एक ऐसे पति-पत्नी की, जो एक-दूसरे से बिल्कुल जुदा हैं। दोनों में बिल्कुल भी नहीं पटती। दोनों किसी दुश्मन की तरह बर्ताव करते हैं। कहानी मजेदार थी और दर्शकों को भी खूब पसंद आई।
कुसुम
नौशीन अली सरदार यानी कुसुम नाम की लड़की की इस कहानी ने दिलों पर राज किया। साल 2001 से 2005 तक इस सीरियल 1001 एपिसोड दिखाए गए। एक मिडिल क्लास लड़की की कहानी, जिस पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। अनुज सक्सेना के किरदार ने भी इस सीरियल में जान फूंक दी थी।
दोनों बखूबी निभा रहे हैं जिम्मेदारी
जितेंद्र ने आगे कहा कि जब उन्होंने तुषार कपूर और एकता कपूर का अपने बच्चों के लिए समर्पण देखा तो उन्हें पता चला कि सिंगल पैरंट होने के बावजूद भी वह अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। यह सब देखकर उन्हें महसूस होता है कि वह एक बुरे पिता थे। हालांकि, अब उनसे सीख रहा हूं।
एकता और तुषार के बेटे सरोगेसी से हुए हैं
लॉकडाउन में जितेंद्र तुषार के बेटे लक्ष्य और एकता के बेटे रवि के साथ समय बिता रहे हैं। वह उनके साथ मस्ती कर रहे हैं, जो उन्होंने अपने बच्चों के साथ कभी नहीं किया। बता दें कि लक्ष्य और रवि दोनों सरोगेसी से हुए थे।
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