
दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स का मानना है कि खिलाड़ियों को व्यस्त कार्यक्रम के बीच तीनों प्रारूपों में खेलने के लिए प्रेरित रखना बेहद मुश्किल है। उन्होंने इस संबंध में खिलाड़ियों और क्रिकेट बोर्ड के बीच संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया। इस 38 वर्षीय खिलाड़ी ने 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया था।
व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने पिछले साल एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। डिविलियर्स से जब व्यस्त कार्यक्रम के बीच प्रारूप चुनने की जरूरत के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘यह मुश्किल सवाल है क्योंकि मैं ऐसा क्रिकेटर नहीं बनना चाहता जो एक या दो प्रारूप को छोड़ दे।’ उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों को अपने देश के लिए सभी प्रारूपों में खेलने के लिए प्रेरित रखना अभी वैश्विक क्रिकेट का मुख्य मुद्दा है।’
डिविलियर्स का मानना है कि अगर खिलाड़ी प्रत्येक प्रारूप को लेकर स्पष्ट राय रखता हो तो उसके करियर को लंबा खींचा जा सकता है। इसके अलावा वह उम्मीद रखते हैं कि इस मामले में क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों के साथ स्पष्ट संवाद स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘लेकिन मुझे लगता है कि दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड को खिलाड़ी के करियर के शुरू में ही उससे इस बारे में चर्चा करनी चाहिए और यह समझना चाहिए कि वह क्या हासिल करना चाहता है। दूसरी बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए वह कहां फिट बैठता है।’
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website