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दक्षिण चीन समुद्र में फैलाव किआ तो परिणाम घातक होंगे : अमरीका की चीन को धमकी

 

 

obama-1212_1473071480शिंगटन. बराक ओबामा ने चीन को साउथ चाइना सी को लेकर वॉर्निंग दी है। ओबामा ने कहा, “अगर चीन ने साउथ चाइना सी में अग्रेशन दिखाया तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इंटरनेशनल नॉर्म्स और रूल्स सभी को मानने होते हैं।”

क्या बोले ओबामा…

– सीएनएन न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में ओबामा ने कहा, “मैंने शी जिनपिंग से बातचीत में साफ कहा कि अमेरिका खुद पर कंट्रोल करके ही एक पावर बना है। हम इंटरनेशनल नॉर्म्स और कानूनों से बंधे हैं।”
– “ऐसा महज इसलिए नहीं है कि हमने उन्हें मान्यता दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हितों के लिए ये जरूरी है। और मैं मानता हूं कि लॉन्ग टर्म में ये चीन के लिए भी जरूरी होगा।”
– “जब हम साउथ चाइना सी या दूसरे मामलों में इंटरनेशनल रूल्स-नॉर्म्स का वॉयलेशन देख रहे हैं, तो मामला गंभीर हो जाता है। हमने उन्हें बता दिया है कि इसके नतीजे भुगतने होंगे।”
– ओबामा बोले, “हमने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका उसी स्थिति में चीन का पार्टनर रहेगा, जब वह इंटरनेशनल रूल्स के अंदर रहकर काम करे।”

ऐसा नहीं है कि US-चीन फ्रेंडली कॉम्पिटीटर नहीं बन सकते
– ओबामा ने ये भी कहा, “इसकी कोई वजह नहीं है कि अमेरिका और चीन कमर्शियली फ्रेंडली कॉम्पिटीटर नहीं बन सकते। दोनों ही देशों के सामने कई समस्याएं हैं।”
– “मैंने अपनी जिंदगी में चीन में एक ही कम्युनिस्ट पार्टी का शासन देखा है। इसमें वह कई वेस्टर्न कंट्रीज के निशाने पर रहा है।”
– “90 के दशक के बाद पिछले 20 सालों में मेरी प्रेसिडेंसी भी आती है। इसमें पूंजीवाद और एक्सपोर्ट बेस्ड मॉडल ज्यादा कामयाब रहा। लेकिन इस सिस्टम में चीन का ज्यादा झुकाव नहीं रहा।”
– ओबामा ने ये भी कहा, “चीन में एक अरब से ज्यादा आबादी है। वे दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी में से एक हैं। इसलिए इंटरनेशनल मुद्दों पर बात करने के लिए वे ज्यादा अहमियत चाहते हैं।”
– “हम चीन से शांतिपूर्ण तरीकों से मसलों का हल चाहते हैं। ये सबके लिए अच्छा रहेगा। गरीब और कमजोर चीन सबके लिए खतरनाक होगा।”

समिट के पहले एयरपोर्ट पर US-चीन की तनातनी के 2 मामले

1# अमेरिकी महिला अफसर के सामने चीखा चीन का अफसर
– न्यूज एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 जुलाई को अमेरिकी प्रेसिडेंट के अराइवल से पहले चीन ने एयरपोर्ट पर बेहद कड़ी सिक्युरिटी कर रखी थी। ओबामा अपने एयरफोर्स वन प्लेन से आने वाले थे। अराइवल से पहले सीढ़ियां लग चुकी थीं।
– चीन के सिक्युरिटी अफसरों ने वहां नीली रस्सी से बैरिकेडिंग कर रखी थी।
– ओबामा के साथ अमेरिकी रिपोर्टर्स बोइंग 747 में ट्रैवल करते हैं और प्रेसिडेंट के प्लेन से उतरने की तस्वीरें लेने के लिए पहले ही रनवे पर जमा हो जाते हैं।
– हांगझोऊ एयरपोर्ट पर भी ऐसा ही हुआ। रनवे पर अमेरिकी रिपोर्टर्स जमा थे। लेकिन उनमें से कुछ ने जब बैरिकेडिंग तोड़ दी तो चीन के सिक्युरिटी अफसरों ने एतराज जताया।
– चीन का एक अफसर व्हाइट हाउस के स्टाफ पर चीखा और कहा कि अमेरिकी मीडियाकर्मियों को वहां से तुरंत हटाएं।
– इससे नाराज हुई व्हाइट हाउस की एक महिला अफसर ने कहा कि वहां अमेरिकी प्लेन उतरने वाला है और उसमें हमारे प्रेसिडेंट हैं।
– इस पर भड़के चीन के अफसर ने चीखकर अंग्रेजी में कहा, “ये हमारा देश है। ये हमारा एयरपोर्ट है।”

2# यूएस की एनएसए को भी चीन के अफसरों ने रोका
– जब ओबामा का प्लेन एयरपोर्ट पर लैंड हुआ तो चीनी ऑफिशियल्स ने व्हाइट हाउस के प्रेस डिपार्टमेंट के स्टाफ के अलावा अमेरिका की नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर सुजैन राइस को भी कोई छूट नहीं दी।
– सुजैन व्हाइट हाउस के सीनियर स्टाफर बेन रोड्स के साथ जब ओबामा के पास जाने के लिए नीली रस्सी को उठाकर नीचे से निकलने लगीं तो एक चीनी ऑफिशियल ने आगे बढ़कर उनका भी रास्ता रोक दिया और गुस्से में चीखने लगा। जवाब में सुसैन ने भी तल्खी में कुछ बातें कहीं।
– बाद में सुजैन राइस ने रिपोर्ट्स से कहा- “उन्होंने (चीनी ऑफिशियल्स) जो किया, उसकी उम्मीद नहीं थी।”
– मामले पर ओबामा ने कहा- “अमेरिकी और चीनी ऑफिशियल्स के बीच मीडिया की एंट्री को लेकर हुई कहासुनी ने ह्यूमन राइट्स और प्रेस की आजादी जैसे मुद्दों पर हमारे नजरिए में अंतर को उजागर किया है। उनके (चीन) पास जवाब देने की क्षमता होनी चाहिए। जब हम ऐसे दौरे करते हैं तो अपने मूल्यों और आदर्शों को छोड़कर नहीं आते।”

 

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