
महाराजा दलीप सिंह के बेटे प्रिंस विक्टर अल्बर्ट जय दलीप सिंह का लंदन स्थित महल बिकने जा रहा है। इसकी कीमत 1.55 करोड़ पाउंड (करीब 1 अरब 52 करोड़ रुपए) रखी गई है। महाराजा रणजीत सिंह के छोटे बेटे दलीप सिंह इंग्लैंड निर्वासित किए जाने तक और अपना साम्राज्य ब्रिटिश राज के तहत आने तक सिख साम्राज्य के अंतिम महाराजा थे।
दलीप सिंह के साम्राज्य में 19वीं सदी में लाहौर भी शामिल था। उनके बेटे प्रिंस विक्टर का जन्म 1866 में लंदन में हुआ था और ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया उनकी गॉडमदर के समान थीं। इस महल की बिक्री का आयोजन कर रहे बाउशैंप एस्टेट के प्रबंध निदेशक जेरेमी गी ने कहा, लाहौर के निर्वासित क्राउन प्रिंस के इस पूर्व आलीशान महल की छत ऊंची हैं, इसके अंदर रहने के लिए विशाल जगह है और पीछे 52 फुट का एक बगीचा भी है।
यह महल 1868 में बनकर तैयार हुआ था और इसे अर्ध सरकारी ईस्ट इंडिया कंपनी ने खरीदा था और इसे पट्टे पर देकर किराये से होने वाली कमाई के लिए एक निवेश संपत्ति के रूप में पंजीकृत कराया गया था। उस समय भारत पर राज करने वाली ईस्ट इंडिया कंपनी ने यह महल मामूली किराये पर निर्वासित दलीप सिंह के परिवार को दे दिया था। महाराजा दलीप सिंह को 1849 में द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध के बाद उनकी पदवी के साथ पंजाब से हटा दिया गया था और बाद में निर्वासन में लंदन भेज दिया गया था।
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