
नेपाल के दूसरे सबसे बड़े शहर पोखरा में चीन की मदद से 216 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा इस समय नेपाल सरकार के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। दरअसल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के नाम पर मोटा कर्ज देकर जाल में फंसाने वाले चीन को लेकर अब दुनिया के देश सावधान हो गए हैं और लगता है चीन के जाल में फंसे नेपाल की भी अब अक्ल ठिकाने आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार चीन ने कई देशों को विकास परियोजनाओं के नाम पर मोटा पैसा दिया है, जिसमें नेपाल भी एक है लेकिन, अब नेपाल में भ्रष्टाचार-विरोधी अधिकारियों ने चीनी पैसे से बनाए गए प्रमुख हवाई अड्डे की जांच शुरू कर दी है।
नेपाल प्राधिकरण के दुरुपयोग को लेकर जांच आयोग ने पोखरा में नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के कार्यालयों पर छापा मारा और परियोजना से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया। नेपाल के दूसरे सबसे बड़े शहर पोखरा में बना 216 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस साल जनवरी में खुला था। एक दशक से भी अधिक समय पहले चीन हवाई अड्डे के निर्माण के लिए लोन देने के लिए सहमत हुआ था। नेपाल ने चीन राष्ट्रीय मशीनरी उद्योग निगम की सहायक कंपनी CAMCE को यहां पर ठेका दिया था।
न्यूयॉर्क टाइम्स की पिछले महीने जारी रिपोर्ट के अनुसार CAMCE ने परियोजना लागत बढ़ाई तो नागरिक उड्डयन प्राधिकरण नेपाल (जो हवाई अड्डे के निर्माण की देखरेख करता है) ने ज्यादा आपत्ति नहीं जताई क्योंकि वह इस परियोजना पर बीजिंग को नाराज करने को तैयार नहीं था। रिपोर्ट प्रकाशित होने के कुछ ही समय बाद नेपाल के प्राधिकरण के दुरुपयोग जांच आयोग ने पोखरा में नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के कार्यालयों पर छापा मारा और परियोजना से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया। भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के प्रवक्ता बोला दहल ने पुष्टि की कि हवाई अड्डे की जांच की जा रही है।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि एजेंसी को हवाई अड्डे के निर्माण की गुणवत्ता के बारे में 20 से अधिक शिकायतें मिली हैं। जांच से चीन की विदेशी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रतिष्ठा को एक और झटका लगा है।इसमें परियोजनाओं की उनकी उच्च लागत और खराब गुणवत्ता के लिए आलोचना की गई है, जिससे उधार लेने वाले देश भारी कर्ज में डूब गए हैं। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के उप निदेशक जगन्नाथ ने कहा, ”भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर निर्माण गुणवत्ता के मुद्दों को देखने के लिए पोखरा में दो या तीन दिन बिताए।”
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