
नई दिल्ली : अमेरिका सरकार की ओर से वीजा नियमों में सख्ती किए जाने के बाद भारतीय अब नए नियमों के तहत अमेरिकी नागरिकता हासिल करने में लगे हुए है। भारतीय अब एक कम चर्चित वीजा कार्यक्रम का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकता हासिल करने में कर रहे हैं। ईबी-5 वीजा कार्यक्रम विदेशी नागरिकों द्वारा सरकार की ओर से मंजूर ईबी-5 कारोबार में न्यूनतम 5,00,000 डॉलर का निवेश करने पर अमेरिका की स्थाई नागरिकता का अवसर प्रदान करता है या देश में 10 पूर्णकालिक नौकरियों के सृजन का मौका देता है। पिछले साल से इस बीजा के लिए भारतीय नागरिकों की ओर से आवेदन करने वालों की संख्या नाटकीय रूप से बढ़ी है। जानकारी के मुताबिक 2014 से हर साल तकरीबन 200 लोग इस वीजा के लिए आवेदन कर रहे है। जबकि 2007-2014 के बीच 30 लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था।
ईबी-5 वीजे का मिलेगी रफ्तार , कम होगी निवेश की लिमिट
अमेरिकी सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय निवेशकों ने इस कार्यक्रम के तहत 12 करोड़ डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। जानकारी मुताबिक डॉनल्ड ट्रंप की नई सरकार निवेश बढ़ाने पर काम कर रही है और निवेश की सीमा आगे और कम करने पर विचार कर रही है, जिससे ईबी-5 वीजा की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना बन सके। अमीर भारतीय नागरिकता के ईबी-5 माध्यम के पक्ष में हैं, क्योंकि इससे 21 साल से कम उम्र के अविवाहित बच्चों को ग्रीन कार्ड की अनुमति मिलती है और हर आवेदक को औसतन 3 वीजा मिल जाते हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल में ही एच-1बी वीजा के नियम सख्त किए है।जिसके कारण इसके तरह जाने वाले प्रोफैश्नल की संख्या में कमी आई है। 2017 में भारतीयों द्वारा 2,47,000 से ज्यादा आवेदन किए गए, जो इसके पहले साल में 3,00,000 से ज्यादा थे।
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