
कोरोना वायरस इम्यूनिटी को कमजोर करके व फेफड़ों को खराब कर उन्हें मौत की दहलीज तक ले जाता है। इस जानलेवा वायरस का शिकार हुए रोगियों के रेस्पिरेटरी सिस्टम में कई तरह की दिक्कतें देखी गई हैं ये वायरस उनके फेफड़ों को इतनी तेजी से खराब करता है, जिससे सांस लेने में भी तकलीफ होने लगती है। मगर, कोविड-19 फेफड़ों के अलावा भी शरीर के कई अन्य अंगों पर भी बुरा असर डालता है, जिसकी वजह से उबरने में कई मुशकिलें भी आती हैं।इन अंगों को भी खराब कर रहा कोरोना
एक्सपर्ट ने बताया कि कोरोना फेफड़ों के अलावा दिल, किडनी, आंत्र नाल और लीवर समेत शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। असल में काफी हद तक, साइटोकीन स्टॉर्म इस अंगों को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदार होती हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स अब भी दूसरे वजहों को ढूंढ़ने में लगे हैं।
ब्लड क्लॉट्स की बनता है वजह
कोरोना के कारण कई मरीज पलमनरी एम्बोलिज़म के शिकार हो गए, जिसमें नसों में ब्लड क्लॉटिंग हो जाती है और कई रक्त-वाहिकाएं फट जाती हैं, जिससे खून फेफड़ों में चला जाता है, और मरीज की मौत हो जाती है।
गंध और स्वाद न आना
हाल ही ये साबित हुआ कि गंध और स्वाद का न आना भी कोरोना वायरस का लक्षण है। अक्सर गंभीर लक्षणों से पहले लोगों ने सूंघने और स्वाद चखने की क्षमता खो दी।
आंखों पर असर
कई मामलों में पिंक आई या कंजेक्टीवाइटिस देखा गया है। मगर, ऐसे लक्षण कम लोगों में दिखें है। हालांकि ऐसा तब होता है जब कोरोना वायरस आंख के रास्ते शरीर में प्रवेश करता है।
गैस्ट्रोइन्टेस्टनल ट्रैक्ट
एक शोध में पाया गया कि कोरोना वायरस के आधे मरीजों को डायरिया और उलटी जैसी दिक्कतें हुईं। वहीं कोरोना वायरस के कई मरीजों में गंभीर हैपेटाइटिस देखा गया, जिसकी वजह डॉक्टरों ने कोरोना वायरस बताई।
कोरोना संक्रमण में खत्म हो जाती है …
बता दें कि कोरोना संक्रमितों में तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सूखी खांसी, जुकाम और बदन दर्द जैसे तमाम लक्षण देखने को मिले हैं। हालांकि कुछ लोगों में बीमारी के लक्षण काफी देरी से नजर आने की वजह से यह ज्यादा खतरनाक बन जाता है।
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