
नई दिल्ली: विश्वमंच पर जब-जब पाकिस्तान ने भारत को झूठा साबित करना चाहा। तब-तब पाकिस्तान की किरकिरी हुई। ताजा मामला सुंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का है, जहां पाकिस्तान यूएन में स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी का है। उन्होंने कश्मीर में कथित ज्यादतियों का दावा करते हुए एक लड़की की तस्वीर दिखाई थी लेकिन वो किसी दूसरे देश की निकली। हालांकि ये पहला मौका नहीं था जब पाकिस्तान को अपने मुंह की खानी पड़ी हो। ऐसे कुछ हम बताते हैं। जब पाकिस्तान का झूठ दुनिया के सामने आया।
अपने जवानों के शवों को पहचानने से किया इंकार
करगिल की लड़ाई के वक्त पाकिस्तान कह रहा था कि करगिल की पहाडिय़ों में उसके जवान नहीं है। पहले अपने जवानों की लाशें उठाने नहीं आया बाद में लाशें उठाकर ले गया।1970 के दौरा में पाकिस्तान कहता था कि बांग्लादेश में वो कोई अत्याचार नहीं कर रहा है। अभी यूएन महासभा से बांग्लादेश ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना के अत्याचार गिनवाए।
पाकिस्तान में ही निकला ओसामा बिन लादेन
पाकिस्तान दुनिया से कहता रहा कि ओसामा बिन लादेन उसके यहां नहीं है लेकिन बाद में लादेन पाकिस्तान की राजधानी के पास एबटाबाद में मारा गया। उसे अमरीकी सेना ने मार गिराया, वो भी बना उसकी जानकारी के और बिना इजाजत लिए।
तालिबान चीफ आतंकी मुल्ला अख्तर मंसूर
पाकिस्तान दुनिया से कहता रहा कि तालिबान के नेता उसके यहां नहीं हैं जबकि तालिबान के सबसे बड़े आतंकी मुल्ला अख्तर मंसूर की कराची के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई थी। मुल्ला मंसूर बलूचिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था।
एटम बम पर उसी के साइंटिस्ट ने खोली पोल
पाकिस्तान दुनिया से कहता रहा कि उसने एटम बम की सप्लाई बाहर नहीं की है लेकिन बाद में उसके एटम बम के जनक अब्दुल कदीर खान ने ही नेशनल टीवी पर कबूला कि उत्तर कोरिया, ईरान, लीबिया को एटम बम की तकनीक और सामान सप्लाई किए।
आतंकियों को पनाह न देने का झूठा दावा
पाकिस्तान दुनिया से कहता रहा कि उसने किसी आतंकवादी संगठन को सुरक्षित पनाहगाह नहीं दे रखी है, जबकि हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन और मौलाना मसूद अजहर जैसे आतंकवादी पाकिस्तान में सुरक्षित रह रहे हैं। इसके अलावा भारत का मोस्ट वॉटेड दाऊद इब्राहिम के भी पाकिस्तान में रहने जानकारी है।
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