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पाकिस्तान बना रहा अमेरिका तक हमला करने वाली मिसाइल, यूं ही जो बाइडन ने नहीं लगाया इस्लामिक देश पर प्रतिबंध, समझें


व्हाइट हाउस के अधिकारी ने पाकिस्तान पर लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित करने का आरोप लगाया, जो अमेरिका के लिए खतरा बन सकती हैं। इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने चार पाकिस्तानी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए। पाकिस्तान ने इसे पक्षपाती और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक बताया, जबकि अपनी रणनीतिक क्षमताओं को सुरक्षा का आधार कहा।
पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों से लैस पाकिस्तान लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल विकसित कर रहा है। वह ऐसी मिसाइलें बनाने में लगा है जिसमें दक्षिण एशिया के बाहर अमेरिका पर भी हमला करने की क्षमता हो। राष्ट्रीय सुरक्षा के उप सलाहकार जॉन फाइनर ने कहा कि पाकिस्तान की गतिविधियां उसके इरादों पर गंभीर सवाल उठाती हैं।
कार्नेगी एंडोवमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में एक भाषण के दौरान जॉन फाइनर ने कहा, ‘साफ तौर पर हमें पाकिस्तान की गतिविधियां अमेरिका के लिए एक उभरते हुए खतरे के रूप में ही दिखाई देती हैं।’ उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही अमेरिकी विदेश विभाग ने पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल से जुड़ी चार संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। विदेश विभाग की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया है कि यह निर्णय पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइलों के विकास से होने वाले खतरे को देखते हुए लिया गया है।
पाकिस्तान पर लगे प्रतिबंध – अमेरिका ने गुरुवार को बताया कि चार संस्थाओं को कार्यकारी आदेश 13382 के तहत प्रतिबंधित किया गया है, जो विनाशकारी हथियारों और उनके वितरण के साधनों के प्रसार से जुड़े लोगों पर लागू होता है। बयान के मुताबिक पाकिस्तान की ‘नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स’ और उससे जुड़ी अन्य संस्थाएं जैसे अख्तर एंड संस प्राइवेट लिमिटेड और रॉकसाइड एंटरप्राइज पर पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम के लिए उपकरण आपूर्ति करने का आरोप है।
क्या बोला पाकिस्तान? – अमेरिका के प्रतिबंधों की पाकिस्तान ने कड़ी निंदा करते हुए इसे पक्षपाती करार दिया है और कहा कि यह फैसला क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए खतरनाक परिणाम लाएगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा, ‘पाकिस्तान की रणनीतिक क्षमताएं उसकी संप्रभुता की रक्षा और दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हैं। प्रतिबंध शांति और सुरक्षा के उद्देश्य को विफल करते हैं।’ पाकिस्तान ने यह भी कहा कि उसके रणनीतिक कार्यक्रम को 24 करोड़ लोगों का समर्थन प्राप्त है और इसे कमजोर नहीं किया जा सकता।