
बांग्लादेश चुनाव में शानदार जीत के बाद बीएनपी नेता तारिक रहमान मंगलवार, 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। बीएनपी की ओर से भारत, पाकिस्तान समेत 13 देशों को शपथ में आने का न्योता दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के शपथ कार्यक्रम में ढाका जाने की उम्मीद थी क्योंकि यूनुस के बीते 18 महीने के शासन में ढाका-इस्लामाबाद काफी करीब आए हैं लेकिन वह नहीं जा रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि बांग्लादेश चुनाव में अपनी ‘पसंदीदा’ जमात-ए-इस्लामी के सरकार में ना आने की वजह पाकिस्तान का रुख ढाका पर बदल गया है।
पाकिस्तान के राजनीतिक टिप्पणीकार कमर चीमा ने कहा है कि इस्लामाबाद की ओर से ढाका पर जल्दीबाजी नहीं दिखाई जाएगी। वह देखेगा कि उसे ढाका से संबंध बेहतर करने की सूरत में क्या मिल सकता है। कमर चीमा का कहना है कि पाकिस्तान का रुख बांग्लादेश के मामले में जल्दीबाजी का नहीं बल्कि एहतियात (वेट एंड वॉच) से चलने वाला होगा।
बांग्लादेश से पाकिस्तान को क्या फायदा – कमर चीमा ने कहा, ‘पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ क्यों तारिक रहमान की शपथ में शामिल होंगे, अगर उनके पास कुछ खास नहीं है। पाकिस्तान से रिश्ते के लिए ढाका को टेबल पर कुछ लाना होगा। चीमा ने बांग्लादेश और पाकिस्तान के संबंधों में पुरानी खटास को याद करते हुए ’50 साल पुरानी दुश्मनी’ का हवाला दिया। साथ ही भारत के बांग्लादेश से व्यापार रिश्ते को भी शक से देखा है।
Home / News / बांग्लादेश में जमात हारी तो सामने आई पाकिस्तानी खीज, तारिक रहमान के शपथ से शहबाज ने बनाई दूरी
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