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रामानुजम पर फिल्म देख रो पड़े जुकरबर्ग – २९ अप्रैल को फिल्म रिलीज़

The-Man-Who-Knew-Infinity-posterसिलिकॉन वैली.अमेरिका के सिलिकॉन वैली में मैथमैटिशियन श्रीनिवासन रामानुजम पर बनी मूवी ‘द मैन हू न्यू इनफिनिटी’ बुधवार रात स्क्रीनिंग हुई। अमेरिका की 50 जानी मानी हस्तियों को रामानुजम को जानने का मौका मिला। मैथ्स को लेकर उनके स्ट्रगल और इसमें उनकी दिलचस्पी को देख ये लोग इमोशनल ही नहीं हुए, बल्कि कई लोगों को आंसू भी आ गए। मूवी शुक्रवार को दुनियाभर में रिलीज हो रही है।

रामानुजम के नाम पर बनेगा फाउंडेशन…
– मूवी की स्क्रीनिंग सिलिकॉन वैली में हुई। इसे देखने के बाद फेसबुक फाउंडर मार्क जकरबर्ग और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने उनके नाम पर फाउंडेशन बनाने का एलान किया।
– रूसी अरबपति और डिजिटल स्काई टेक्नालॉजी के संस्थापक यूरी मिलर ने यह स्क्रीनिंग की थी।
– इसमें जकरबर्ग और पिचाई के साथ गूगल के फाउंडर सर्गेई ब्रिन, ओकुलुस वीआर के सीईओ ब्रेंडन इर्बी जैसी शख्सियतें मौजूद थीं।
– लौटते वक्त हर शख्स की आंखें भीगी हुई थीं।’
देव पटेल हैं लीड रोल में
– आॅस्कर विनिंग मूवी में ‘स्लम डॉग मिलेनियम’ फेम देव पटेल रामानुजम के रोल में हैं।
– वहीं, प्रोफेसर जी एच हार्डी का रोल जेरेमी आयरंस ने किया है।
– पटेल ने मैथ्स की बेहद मुश्किल इक्वैशन को समझने के लिए प्रोफेसर केन ओनो से मदद ली है।
– रामानुजम का जन्म 22 दिसंबर 1887 को मद्रास के इरोड में हुआ था। महज 33 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।
– मैथ्स पर लिखे एक आर्टिकल ने उन्हें कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जी.एच. हार्डी से मिलवाया। उन्हीं ने ही रामानुजम को इंग्लैंड बुलाया।  ट्रिनिटी कॉलेज में स्टडी शुरू की।
– मैथ्स को लेकर किए गए उनके एनालिसिस ने दुनियाभर में हलचल मचा दी। उनके जीवन के इसी ताने बाने को मूवी में बुना गया है।
ऐसे थे श्रीनिवासन रामानुजम
– 10 साल की उम्र में हाई स्कूल में टॉप किया था। स्कॉलरशिप मिलने लगी।
– 12 साल की उम्र में ट्रिगोनोमेट्री में महारत हासिल कर ली थी।
– सिर्फ मैथ्स में रुचि होने की वजह से इंटर में फेल हो गए। ऐसा कहा जाता है कि वे एक सवाल को हल करने में ही ज्यादा वक्त लगा देते थे, जिससे एग्जाम का समय निकल जाता था।
– स्कॉलरशिप बंद होने से आगे की पढ़ाई रुक गई। वे मैथ्स की पहेलियां सुना कर साथियों का इंटरटेनमेंट करते थे।
– जब वे सातवीं में थे, तब बीएससी के बच्चों को मैथ्स पढ़ाते थे।
– 17 साल की उम्र में बरनौली नंबर पर रिसर्च पूरी की।

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