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WPL चैंपियन बनते ही मालामाल हुई RCB, फाइनल जीतते ही मिले इतने करोड़, ऑरेंज-पर्पल कैप पर भी कब्जा


दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए महिला प्रीमियर लीग 2024 के खिताबी मुकाबले में रविवार रात रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने शानदार जीत हासिल करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। दिल्ली कैपिटल्स लगातार दूसरा फाइनल हार गई।
आईपीएल की सबसे बदकिस्मत फ्रैंचाइजी कहलाई जाने वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने रविवार रात दिल्ली कैपिटल्स को आठ विकेट से हराकर महिला प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम कर लिया। आरसीबी को पहली बार चैंपियन बनाने में स्पिनर्स सौफी मौलिन्यू और श्रेयंका पाटिल ने अहम रोल निभाया। यह फ्रैंचाइजी क्रिकेट में रॉयल चैंलेजर्स बैंगलोर की पहली ट्रॉफी थी, इससे पहले टीम 2009, 2011 और 2016 में आईपीएल का फाइनल पहुंचने के बावजूद जीत नहीं पाई थी। वुमेंस प्रीमियर लीग का फाइनल जीतने वाली स्मृति मंधाना एंड कंपनी को छह करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं रनर्स अप यानी दिल्ली कैपिटल्स को तीन करोड़ रुपये मिले।
ऑरेंज कैप-पर्पल कैप भी आरसीबी के पास – महज नौ पारियों में सबसे ज्यादा 347 रन बनाकर एलिसा पैरी टूर्नामेंट की सर्वोच्च रन स्कोरर रहीं और ऑरेंज कैप जीता जबकि आरसीबी की युवा स्पिनर श्रेयंका पाटिल ने आठ पारियों में सबसे ज्यादा 13 बल्लेबाजों को आउट करते हुए पर्पल कैप अपने नाम किया। ऑरेंज कैप और पर्पल कैप एक ही टीम में होने से ही समझ में आता है कि आरसीबी का टूर्नामेंट में किस कदर दबदबा रहा होगा।
फर्श से लेकर अर्श तक का सफरआरसीबी का सीजन पिछले साल काफी खराब रहा था, लेकिन इस बार उन्होंने शानदार कमबैक किया। अपनी पहली डब्ल्यूपीएल ट्रॉफी जीती। वैसे पिछले साल भी प्राइज मनी इतनी ही थी। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने एलिमिनेटर में मुंबई इंडियंस को हराकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था अब इस आखिरी जीत के साथ फ्रैंचाइजी क्रिकेट में उनका 16 साल लंबा ट्रॉफी का सूखा भी खत्म हुआ। मैच की बात करें तो टॉस गंवाने के बाद आरसीबी ने दिल्ली कैपिटल्स को सिर्फ 113 रन पर समेट दिया था। इसके बाद स्मृति मंधाना और सोफी डिवाइन ने ठोस शुरुआत दिलाई। दोनों के आउट होने के बाद एलिसा पैरी और रिचा घोष ने दिल्ली को किसी तरह के कोई उलटफेर का मौका नहीं दिया।