
जकार्ताः होक नाम से मशहूर जकार्ता के गवर्नर बासुकी जाहाजा पुरनामा को मंगलवार को ईशनिंदा के एक मुकदमे में दोषी पाए जाने के बाद 2 साल कैद की सजा सुनाई गई। जकार्ता के ईसाई गवर्नर को लेकर इस फैसले के बाद इंडोनेशिया में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में अभियोजकों ने पुरनामा पर ईशनिंदा का मामला छोड़कर उसके स्थान पर कम दंडनीय नफरत फैलाने का मुकदमा चलाने की सिफारिश की थी, लेकिन मंगलवार को न्यायाधीशों ने इन सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया।
विवादों में घिरे ईसाई नेता पर अपने पद पर बने रहने के लिए प्रचार के दौरान इस्लाम की निंदा करने के आरोप में दिसंबर में मुकदमा शुरू किया गया था। अहोक ने इन आरोपों का खंडन किया था। अहोक ने अपने समर्थकों को यह साबित करने के लिए कुरान की एक आयत का हवाला दिया था कि कुरान में मुस्लिमों को गैर मुस्लिम नेता को वोट देने पर मनाही नहीं की गई है।
उनकी टिप्पणियों का एक संपादित वीडियो जारी होने के बाद लाखों मुस्लिम इंडोनेशियाइयों ने उनके खिलाफ जकार्ता की सड़कों पर प्रदर्शन किया था, जिनमें से कई ने उन्हें कैद करने की मांग की थी। स्थानीय मीडिया के अनुसार कृषि मंत्रालय के पास की सभी सड़कों को सोमवार शाम को बंद कर दिया गया था, जहां इस मामले में फैसला सुनाया जाना था। यह फैसला अहोक के जकार्ता के गर्वनर के रूप में फिर से चुने जाने में नाकाम रहने के बाद आया है। गवर्नर पद के चुनाव में अहोक को पूर्व शिक्षा और संस्कृति मंत्री अनीज बसवेदान ने शिकस्त दी थी।
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