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‘ईरानी वार्ताकारों के इस्लामाबाद पहुंचने की खबरें गलत’, ईरान ने पाकिस्तान में मध्यस्थता बैठक स्थगित करने की दी धमकी


ईरान ने मीडिया में आ रही उन रिपोर्ट्स को गलत बताया है जिसमें ईरानी वार्ताकारों के इस्लामाबाद पहुंचने की बात कही गई है। ईरान की सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने कहा है ‘ईरानी वार्ता दल के इस्लामाबाद में प्रवेश करने की खबरें गलत हैं।’ फार्स न्यूज ने बताया है कि कुछ मीडिया आउटलेट्स के ये दावे कि एक ईरानी वार्ता प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंच गया है वो पूरी तरह से गलत हैं। इसमें आगे कहा गया है ‘बातचीत तब तक स्थगित रहेगी जब तक अमेरिका लेबनान में संघर्ष-विराम के संबंध में अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता और इजरायली शासन अपने हमले बंद नहीं कर देता।’
यानि पाकिस्तान में होने वाली मध्यस्थता बैठक को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। जबकि अमेरिका की तरफ से उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के इस बैठक में शामिल होने की संभावना है। फार्स न्यूज ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के हवाले से कहा है ‘इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संघर्ष-विराम का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। और उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया कि वे जायोनी शासन को पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को खतरे में डालने की अनुमति देकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को “तबाह” न करें।’
पाकिस्तान में मध्यस्थता बैठक को लेकर सस्पेंस बरकरार – अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा ‘नेतन्याहू का आपराधिक मुकदमा कुछ ही दिनों में फिर से शुरू होने वाला है’ और उन्होंने यह भी जोड़ा कि ‘पूरे क्षेत्र में युद्धविराम से उनके जेल जाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।’ फार्स न्यूज ने दावा किया कि बुधवार से जब ईरान और अमेरिका ने 40 दिनों से चल रहे युद्ध में लेबनान को शामिल करते हुए 15 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की थी तब से जायोनी शासन ने इस अरब देश (लेबनान) के अलग-अलग इलाकों को निशाना बनाया है जिसमें 250 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और 1,100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
पाकिस्तान ने युद्धविराम पर हुई बातचीत में लेबनान के होने की बात कही थी जबकि अमेरिका और इजरायल दोनों ने इससे इनकार कर दिया था। अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा था कि ‘लेबनान को लेकर ईरान को गलतफहमी हुई है।’ फार्स न्यूज ने कहा है कि ‘तेहरान ने साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान में पूरी तरह से युद्धविराम लागू नहीं हो जाता तब तक वह वाशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा।’ ईरानी राजनयिक ने आगे कहा “अगर अमेरिका नेतन्याहू को कूटनीति खत्म करने की छूट देकर अपनी अर्थव्यवस्था को तबाह करना चाहता है तो यह आखिरकार उसकी अपनी मर्जी होगी। हमें लगता है कि यह एक बेवकूफी भरा कदम होगा लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं।”