
अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच रूस ने दुनिया को अपनी ताकत का अहसास दिलवाया है। करीब 60 साल तक सीक्रेट रखने के बाद रूस ने दुनिया के सबसे बड़े परमाणु बम विस्फोट का वीडियो जारी कर दिया है। धरती के ख़ात्मे का हथियार कहे जाने वाले यह विस्फोट दुनिया में अब तक का सबसे शक्तिशाली है और अमेरिका कभी भी इतना बड़ा परमाणु बम नहीं बना सका है।
30 अक्टूबर 1961 को विस्फोट किए गए इस बम को किंग्स ऑफ बॉम्बस यानी बमों का राजा कहा जाता है। इसकी तुलना अगर जापान के हिरोशिया में गिराए गए परमाणु बम से की जाए तो इवान 3333 गुना ज्यादा शक्तिशाली है। रूसी विमान ने इस परमाणु बम को आर्कटिक समुद्र में नोवाया जेमल्याज के ऊपर बर्फ में गिराया था। जब इस परमाणु बम के बारे में पश्चिमी दुनिया को पता चला तो इसका नाम ‘Tsar Bomba’ कर दिया गया था।
एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, ये परमाणु बम रूस ने अमेरिका के साथ चल रही कोल्डप वॉर के सबसे खराब दौर में बनाया था। अमेरिका के थर्मोन्यूीक्लियर डिवाइस को टक्कर देने के लिए सोवियत संघ ने इस इवान नामक परमाणु बम का निर्माण किया था। यूट्यूब पर जारी वीडियो में देख सकते हैं कि इसे आर्कटिक सागर में स्थित नोवाया जेमल्या द्वीप पर गिराया गया था।
बम की लंबाई 26 फीट और व्यास 7 फीट था और इसका वजन 27 टन था।
इसके गिरने की गति कम करने के लिए इसके पीछे एक पैराशूट लगाया गया था ताकि यह गिरने के बाद बड़े स्तर पर बर्बादी न कर सके।
इसके असर का अध्ययन करने के लिए आसमान में उड़ रहे बमवर्षकों में कई तरह के कैमरे और वैज्ञानिक यंत्र लगाए गए थे।
बम जमीन से 4 किलोमीटर ऊपर फटा, इसके बाद इसने आसमान में बड़े मशरूम जैसी आकृति बनाई।
इसके आग के गोला और धुएं का गुबार आसमान में 60 किलोमीटर की ऊंचाई तक गया था।
परमाणु बम के विस्फोट से निकली रोशनी 1000 किलोमीटर तक दिखाई दी थी।
इस बम के विस्फोट से निकलने वाली गर्मी की वजह से 100 किलोमीटर की दूरी तक कोई चीज नहीं बची थी, सब जलकर खाक हो गया था।
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