
सिडनीः हाल ही में 33 वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने अपनी शोध बायोफिजिक्स एंड मोलीक्यूलर बायोलॉजी पत्रिका में धरती पर सैकड़ो से रह रही एलियन प्रजाति की खोज की है। वैज्ञानिकों ने अपने सिद्धांत में कहा है कि समुद्र में पाए जाने ऑक्टोपस एलियंस हैं। वैज्ञानिकों के दल का मानना है कि ऑक्टोपस का भ्रूण आज से सैंकड़ों साल पहले एक धूमकेतू के ज़रिए पृथ्वी पर पहुंचा था। वे एलियंस की तरह दिख सकते हैं, लेकिन असल में वे बाहरी अंतरिक्ष के ऑक्टोपस प्राणी हैं।
अपनी शोध में वैज्ञानिकों ने बताया है कि इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि नई प्रजाति पृथ्वी पर किसी नए बाह्य-विद्युतीय आयात से आई हो। जीवन दूसरी दुनिया से क्षुद्रग्रहों या धूमकेतु पर अपने आप से यात्रा कर सकता है,जिसे पैनस्पर्मिया कहा जाता है, ये कोई नया सिद्धांत नहीं है। वैज्ञानिकों के इस समूह को दुनियाभर के वैज्ञानिक समुदाय से व्यापक आलोचना का सामना भी करना पड़ रहा है। कई लोग इसे असंभव भी मान रहे हैं,कि ऑक्टोपस के अंडे धूमकेतु के ज़रिए पृथ्वी पर पहुंचे थे।
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