
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि पनामागेट मामले में अगर जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सम्मन किया जा सकता है। पनामागेट मामले की सुनवाई कर रही पांच सदस्यीय पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा ने यह टिप्पणी की।
जमात-ए-इस्लामी के वकील तौफीक आसिफ ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया कि लंदन में शरीफ परिवार का आलीशान अपार्टमेंट होने के संदर्भ में प्रधानमंत्री को सम्मन किया जाए और उनका बयान रिकॉर्ड किया जाए। न्यायाधीश खोसा ने जमात के वकील से कहा कि अदालत पहले शरीफ के बच्चों के वकीलों का पक्ष सुनेगी और अगर जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री को सम्मन किया जा सकता है।
बहरहाल, न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि वकीलों की दलीलें सुनने के बाद ही एेसा कोई कदम उठाया जाएगा। जमात के वकील ने कहा कि प्रधानमंत्री शरीफ अलग अलग मामलों में कई शीर्ष अदालत में उपस्थित हो चुके हैं तथा एेसे में इस मामले में भी उनको सम्मन किया जाना चाहिए। उधर, शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने फिर उन आरोपों से इंकार किया कि लंदन स्थित संपत्तियों का स्वामित्व उनके पास है।
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