
ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ ने 15 अगस्त को अपने 45 साल पूरे कर लिए। इस खास मौके पर फिल्म के कलाकार अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी और निर्देशक रमेश सिप्पी ने पीछे मुड़कर कुछ बीती बातों को याद किया। सिप्पी ने आईएएनएस को बताया, “‘शोले’ को जिस तरह से लिखा गया था और जिस तरह से इसके किरदारों को उकेरा गया था, उसके चलते ये आज भी लोगों के जेहन में ताजा है, चाहें वह गब्बर के संवाद हो या बसंती की बकबक। यहां तक कि सांभा जिसने फिल्म में केवल दो ही शब्द कहे थे, उसकी भी यादें आज भी लोगों के दिलों में बरकरार है।”
फिल्म में जय का किरदार निभाने वाले अमिताभ ने कहा, “‘शोले’ में तीन ही घंटे में बड़ी ही खूबसूरती से बुराई पर अच्छाई की जीत दिखाई गई है। यह पहली बार था जब किसी भारतीय फिल्म के लिए एक डायलॉग सीडी जारी की गई थी। एक्शन वाले ²श्यों को पहली बार एक ब्रिटिश क्रू द्वारा निर्देशित किया गया था, उन्हें खासतौर पर फिल्म के लिए भारत में बुलाया गया था और इसके बाद फिल्म को ब्रिटेन में संपादित किया गया – कई सारी चीजें पहली बार हुईं। एक निर्देशक के रूप में रमेश सिप्पी जी ने इसके बनाने के दौरान कई अप्रचलित बदलाव किए जैसे कि इसका लोकेशन, एक्शन कॉर्डिनेशन, कैमरा वर्क, 70मिमी और स्केल – मेरे ख्याल से ये सबकुछ रंग लाई।”
फिल्म में बसंती के किरदार को निभाने वाली दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी इस पर कहती हैं, “शूटिंग शुरू होने से पहले मुझे बताया गया था कि इसमें एक डांस सीक्वेंस है जहां मुझे एक उबड़ खाबड़ चट्टान के ऊपर कांच पर नांचना है। शूटिंग अप्रैल के महीने में हुई थी जब काफी गर्मी थी। मुझे याद है कि रमेश जी इस चीज को लेकर काफी पर्टिकुलर थे, लेकिन यह एक यादगार ²श्य बना।”
यह फिल्म 1975 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रिलीज हुई थी।
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