
स्पेसएक्स ने अपना सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्टारशिप के बूस्टर की सफलतापूर्वक लैंडिग कराकर इतिहास रच दिया है। इसी के साथ अब भविष्य के मिशनों में किसी एक रॉकेट का एक से अधिक बार इस्तेमाल किए जाने का रास्ता भी खुल गया है। स्टारशिप रॉकेट का बूस्टर 96 किमी की ऊंचाई से वापस लॉन्चपैड पर लौटा है।
बोका चिका: स्पेसएक्स ने रविवार को अपने स्टारशिप रॉकेट को अब तक की सबसे साहसिक परीक्षण उड़ान के तहत प्रक्षेपित किया और यांत्रिक भुजाओं (आर्म) के सहयोग से लौट रहे बूस्टर को पैड पर वापस उतारा गया। लगभग 400 फुट (121 मीटर) लंबे स्टारशिप को सूर्योदय के समय मैक्सिको की सीमा के निकट टेक्सास के दक्षिणी सिरे से प्रक्षेपित किया गया। यह पूर्व के उन चार अन्य स्टारशिप की तरह मैक्सिको की खाड़ी के ऊपर से वक्र बनाते हुए गुजरा जो या तो उड़ान भरने के तुरंत बाद नष्ट हो गए थे या समुद्र में गिरकर नष्ट हो गए थे।
सात मिनट में वापस लैंड हुआ रॉकेट – स्पेसएक्स ने पहले चरण के बूस्टर को वापस उसी पैड पर उतारा जहां से उसने सात मिनट पहले उड़ान भरी थी। प्रक्षेपण टॉवर पर धातु की विशाल छड़ें लगी थीं, जिन्हें ‘चॉपस्टिक’ कहा जाता है। स्टारशिप में 33 रैप्टर इंजन लगे है। कैलिफोर्निया के हॉथोर्न स्थित स्पेसएक्स मुख्यालय से स्पेसएक्स की केट टाइस ने कहा, ”यह इंजीनियरिंग इतिहास के क्षेत्र में एक बड़ा दिन है।” यह उड़ान निदेशक पर निर्भर था कि वह वास्तविक समय में यह निर्णय ले कि ‘लैंडिंग’ का प्रयास किया जाए या नहीं।
स्पेसएक्स ने बताया ऐतिहासिक दिन – कैलिफोर्निया के हॉथोर्न स्थित स्पेसएक्स मुख्यालय से स्पेसएक्स की केट टाइस ने कहा, ”मित्रो, यह इंजीनियरिंग के लिए ऐतिहासिक दिन है।” स्पेसएक्स ने कहा कि बूस्टर और प्रक्षेपण टॉवर दोनों को अच्छी और स्थिर स्थिति में होना चाहिए, नहीं तो इसका नतीजा पिछले प्रक्षेपण की तरह ही होता। इस प्रक्षेपण के दौरान अंतरिक्ष में गए सुपर हेवी बूस्टर को प्रक्षेपण स्थल पर वापस लाकर टॉवर पर उतारा गया।
Starship rocket booster caught by tower pic.twitter.com/aOQmSkt6YE
— Elon Musk (@elonmusk) October 13, 2024
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