
‘वर्ष के न्यूजीलैंडर’ पुरस्कार के नामित इंग्लैंड के विश्व कप के नायक बेन स्टोक्स ने पूरी भद्रता के साथ इसे अस्वीकार कर दिया और कहा कि कीवी टीम के कप्तान केन विलियमसन इसके सही हकदार हैं। 28 वर्षीय स्टोक्स का जन्म न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुआ था लेकिन जब वह 12 वर्ष के थे तो इंग्लैंड आ गए थे। इस आलराउंडर ने विश्व कप फाइनल में जुझारू पारी खेलकर न्यूजीलैंड का दिल तोड़ दिया था और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था।
स्टोक्स ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा, ‘मैं वर्ष का न्यूजीलैंडर पुरस्कार के लिए नामांकित किए जाने से खुश हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे अपनी न्यूजीलैंड और माओरी विरासत पर गर्व है लेकिन मेरे लिहाज से इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए मेरा नामांकन सही नहीं होगा। कई लोग हैं जिन्होंने न्यूजीलैंड के लिए काफी कुछ किया है और मुझसे ज्यादा इसके हकदार हैं।’ स्टोक्स ने विश्व कप में 465 रन बनाए और सात विकेट लिए। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मैच और सुपर ओवर टाई छूटे थे। इसके बाद अधिक बाउंड्री लगाने के कारण इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया।
उन्होंने कहा, ‘मैंने इंग्लैंड को विश्व कप जीतने में मदद की और मैं ब्रिटेन में बस चुका हूं। जब मैं 12 साल का था तब से मैं यहां रह रहा हूं। मेरा मानना है कि पूरे देश को न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन को अपना समर्थन देना चाहिए। उन्हें कीवी दिग्गज के तौर पर सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने विश्व कप में पूरी प्रतिष्ठा के साथ अपनी टीम की अगुवाई की।’ स्टोक्स ने कहा, ‘वह टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहा और वह एक प्रेरणादायी कप्तान है। उसने हर तरह की परिस्थितियों में अपनी विनम्रता दिखाई और वह बहुत अच्छा इंसान है। वह न्यूजीलैंड के निवासियों की असली पहचान है। वह इस सम्मान का सही हकदार है। न्यूजीलैंड के वासियों उसका पूरा समर्थन करो। वह इसका हकदार है और मेरा समर्थन उसे मिलता है।’
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