
अपने जमाने के नामी सलामी बल्लेबाज सुनील गावसकर ने मंगलवार को कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ियों ने कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की जिनकी अगुआई में भारत ने दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में आठ विकेट से जीत दर्ज करके सीरीज बराबर की।
गावसकर ने कहा, ‘जिस तरह से वह (रहाणे) टीम का नेतृत्व कर रहे थे उसके लिए उनकी जो प्रशंसा हो रही थी उसको समझने के लिए आपको ऑस्ट्रेलियाई कामेंट्री बॉक्स के आसपास होना चाहिए और इनमें कुछ ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज भी शामिल थे जो कॉमेंट्री बॉक्स में थे।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए यह देखकर खुशी हुई कि वे लोग उनकी नेतृत्वक्षमता के लिए तारीफ कर रहे हैं। इनमें रिकी पॉन्टिंग, एडम गिलक्रिस्ट, माइक हस्सी, शेन वॉर्न जैसे दिग्गज शामिल थे जो रहाणे की कप्तानी की प्रशंसा कर रहे थे।’
गावसकर ने हालांकि स्पष्ट किया कि विराट कोहली टेस्ट कप्तान हैं और उनके पितृत्व अवकाश से लौटने के बाद उन्हें ही यह जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘रहाणे कार्यवाहक कप्तान हैं। एक कार्यवाहक कप्तान या एक कार्यवाहक बल्लेबाज या नयी गेंद का गेंदबाज या ऑफ स्पिनर आप तब अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं और जब मुख्य खिलाड़ी की वापसी होती है तो आपको उसके लिए जगह खाली करनी होती है।’
एक वक्त ऐसा होता था जब भारतीय टीम पूरी तरह से बल्लेबाजों पर ही डिपेंड होती थी। मगर पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम ने अपने इसी वर्ग को मजबूत किया है। ऑस्ट्रेलियाई दौरे में भी भारतीय गेंदबाजी की जलवा दिखा।
रवींद्र जडेजा को इस मैच में शामिल करके टीम इंडिया ने बहुत सही फैसला किया। जडेजा ने अहम मौके पर कप्तान रहाणे के साथ शतकीय साझेदारी की और इसके बाद पहली पारी में पैट कमिंस का विकेट भी लिया। दूसरी पारी में मैथ्यू वेड और टिम पेन का विकेट भी लिया।
भारतीय गेंदबाजी खेमे में जब से ये स्टार खिलाड़ी जुडा है तब से गेंदबाजी की धार और तेज हुई है। बुमराह ने उछाल भरी पिचों में लगातार प्रयोग किए। बुमराह ने यॉर्कर के साथ-साथ बाउंसर भी बहुत मारी। बुमराह ने पहली पारी में चार विकेट और दूसरी पारी में दो विकेट अपने नाम किए।
मोहम्मद सिराज ने दूसरे टेस्ट मैच में डेब्यू किया। सिराज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों पारियों में पांच विकेट लिए। सिराज ने पहली पारी में दो विकेट और दूसरी पारी में तीन विकेट अपने नाम किए। खासबात ये रही कि इस नए गेंदबाज को भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी खेल नहीं पा रहे थे।
दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अपनी चालाकी के लिए जाने जाते हैं। बुमराह वैसे तो यॉर्कर किंग कहे जाते थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने बाउंसर का भी कमाल दिखाया। इसके साथ ही बुमराह ने कई गेंदे धीमी गति से भी डालीं। बुमराह लगातार अपनी गेंदबाजी में बदलाव करते नजर आ रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में तीन विकेट अपने नाम किए थे। दूसरी पारी में हालांकि उनके नाम एक ही विकेट आया है लेकिन इस दौरान उन्होंने एक खास लिस्ट में जगह बना ली है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में उन्होंने अभी तक 23 ओवर गेंदबाजी की है लेकिन इस बीच वह टेस्ट मैच क्रिकेट में 20 हजार गेंद फेंकने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए। इस लिस्ट में जगह बनाने वाले वह पांचवें भारतीय गेंदबाज हैं।
गावसकर से पूछा गया कि क्या अब ऑस्ट्रेलियाई टीम पर दबाव होगा, उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर। वे इस तरह की स्थिति के आदी नहीं हैं। जब भी वे पहला टेस्ट जीत लेते हैं तब सीरीज जीत जाते हैं। कुछ पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर 4-0 की बात कर रहे थे। अब आप जान गए हैं कि यह कैसी टीम है। यह ऐसी टीम नहीं है जो आपको खुद पर हावी होने का मौका देती है।’
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website