
शरीर की दुर्गंध अक्सर व्यसकों में देखी जाती है। पसीने की वजह से आने वाली दुर्गंध को सामान्य माना जाता है। यहां तक कि बच्चे भी दिनभर भागदौड़ करते हैं जिससे उन्हें पसीना आता है और पसीने की वजह से उनके शरीर से भी बदबू आती है। वयस्क हो या बच्चे पसीने की बदबू का आना बेहद सामान्य है। लेकिन कई बार छोटे बच्चों से तीखी तेज दुर्गंध आने लगती है जो सामान्य पसीने की बदबू से अलग होती है। ऐसी तेज बदबू अगर बच्चे से आए तो आपको ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि हो सकता है कि
बच्चे को बैक्टीरियल इंफेक्शन हो। : सिर्फ बैक्टिरीयल इंफेक्शन ही नहीं, बहुत से कारण होते हैं जो बच्चों में शरीर की दुर्गंध का कारण बनते हैं। बैक्टीरियल इंफेक्शन हो या अन्य कारण, समय रहते इसकी जानकारी पैरेंट्स को होनी चाहिए ताकि सही समय पर बच्चों को सही इलाज दिलाया जा सके। कई बार इस बदबू को सामान्य बदबू समझ कर अनदेखा कर दिया जाता है जो कि बाद में दूसरी परेशानियों का कारण बन सकता है इसीलिए बच्चों में आने वाले तीखी बदबू को अनदेखा ना करें।
Clevelandclinic.org के अनुसार अपने आहार से अत्यधिक बदबूदार खाद्य पदार्थों को हटाने का प्रयास करें या ध्यान दें कि किस विशेष फूड की वजह से शरीर से ज्यादा बदबू आ रही है। लहसुन, प्याज बच्चे को कम खिलाएं क्योंकि इनसे शरीर से बदबू अधिक आती है।
क्या यह सामान्य है? : ऐसे बच्चे जो अभी तक युवावस्था में नहीं पहुंचे हैं उनके शरीर से दुर्गंध का आना सामान्य नहीं है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स उन बच्चों पर गौर करने की सलाह देता है जिनके शरीर से तेज दुर्गंध आती है।
हालांकि, शरीर की गंध वाले प्रीब्यूसेंट बच्चों पर शोध अध्ययन सीमित हैं। इसकी वजह से किसी भी निर्णय पर पहुंचना अभी मुमकिन नहीं है।
गंध के लक्षण : बच्चे सामान्य रूप से एक्टिव रहते हैं इसलिए उनसे पसीना आना सामान्य बात है। पसीने से हल्की बदबू का आना किसी बीमारी या असमानता का संकेत नहीं है।
असामान्य गंध की पहचान तीखी तेज बदबू से की जा सकती है, जो कि नॉर्मल पसीने की बदबू से अलग होती है। कुछ बच्चों में बीमारियां भी देखी गई हैं जैसे फिश ओडर सिंड्रोम, डायबिटिक कीटोएसिडोसिस, टायरोसिनेमिया टाइप 1 या मेथियोनीन मैलाबॉस्पशन मेटाबोलिक डिसऑर्डर जो शरीर के बदबू का कारण बनते हैं।
बचाव के उपाय : बच्चे को बेसिक हाइजीन सिखाएं, ताकि उनमें साफ-सुथरा रहने की आदत बचपन से रहे। बच्चे को सुबह शाम नहलाएं। बच्चों के कपड़े और चादर साफ रखें। अंडा, मीट, लहसुन, मसालेदार खाना बच्चों को कम से कम दें। इससे शरीर की दुर्गंध में रोकथाम हो सकती है।
क्या है इलाज : यदि बच्चे के शरीर से आने वाली बदबू का कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन है, तो हो सकता है कि डॉक्टर एंटीबायोटिक का कोर्स दें। हो सकता है डॉक्टर दूसरे टेस्ट भी कराएं जिससे पता चल सके कि बच्चे के शरीर से इतनी दुर्गंध क्यों आती है। सही कारण पता चलने पर डॉक्टर सही दवाई द्वारा इसका इलाज कर सकते हैं। तब तक आप बच्चे की साफ-सफाई पर ध्यान देकर शरीर की दुर्गंध पर काबू पा सकते हैं।
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